
सारनी। क्षेत्र की कोयला खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों के बीच एकजुटता की मजबूत तस्वीर सामने आई है, लेकिन इसके साथ ही प्रबंधन द्वारा किए गए वादों के पूरे न होने से असंतोष भी पनप रहा है। हाल ही में हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में एकता की आवाज समिति के नेतृत्व में मजदूरों ने अपने साथियों के हित में सक्रिय भूमिका निभाई।
तवा-2 कोयला खदान में घायल हुए मजदूर संजीत मंडल के उपचार के लिए सब एरिया प्रबंधन और खदान प्रबंधक ने आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था। इसके अलावा इलाज के दौरान ठेकेदार के माध्यम से नियमित वेतन उपलब्ध कराने की बात भी कही गई थी। हालांकि, अब तक न तो सहायता राशि दी गई है और न ही वेतन की व्यवस्था हो सकी है, जिससे मजदूरों में नाराजगी बढ़ रही है।
इधर, छतरपुर खदान-1 में मजदूर बुधराम नागवंशी के आकस्मिक निधन के बाद विभिन्न श्रमिक संगठनों—सीटू, एटक, इंटक, बीएमएस और एचएमएस ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए एकजुट होकर उनके परिवार की आर्थिक मदद शुरू कर दी है।
मजदूर नेताओं ने बताया कि सब एरिया मैनेजर शर्मा से मांग की गई है कि स्वर्गीय नागवंशी के वेतन से की गई कटौती की राशि सीएमपीएफ के माध्यम से जल्द से जल्द उनके परिजनों को दिलाई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो मजदूर कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं रहेंगे।
