
बेगमगंज। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी खामियों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वर्तमान स्थिति में केवल ढाई एकड़ तक के छोटे किसानों की ही स्लॉट बुकिंग हो पा रही है, जबकि इससे अधिक रकबे वाले बड़े किसान बुकिंग नहीं होने से आक्रोशित हैं।
किसानों के बढ़ते विरोध को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने पटवारियों को खेतों में भेजकर सर्वे शुरू कराया है। चिलचिलाती धूप में पटवारी खेत-खेत पहुंचकर यह रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं कि संबंधित किसानों के खेतों में गेहूं और मूंग की फसल बोई गई है।
हालांकि पोर्टल पर छोटे किसानों की बुकिंग हो रही है, लेकिन बड़े किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि खरीदी प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है, ताकि सरकार कम मात्रा में गेहूं खरीदे।
कभी तकनीकी खराबी तो कभी अन्य कारण बताकर जिम्मेदार अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। पीड़ित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी स्लॉट बुकिंग शुरू नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
किसानों ने मांग की है कि गेहूं और मूंग की खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि वे सहकारी संस्थाओं से लिए गए कर्ज का भुगतान 31 मई 2026 की तय समय सीमा के भीतर कर सकें और अगली फसल की तैयारी शुरू कर सकें।
