इंदौर: सेंट्रल जेल परिसर में अंग्रेजों के जमाने से बने जर्जर आवासों को अब पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से आधुनिक तरीके से बनाया जाएगा. शासन और जेल मुख्यालय से इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है. पीडब्ल्यूडी विभाग को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है.उल्लेखनीय है कि सेंट्रल जेल परिसर में स्थित 30 से अधिक कर्मचारियों के आवासों में से करीब 20 मकान इतने खस्ताहाल हो चुके हैं कि वर्षों से खाली पड़े हैं.
इनमें कोई भी कर्मचारी रहना नहीं चाहता, क्योंकि ये कभी भी ढह सकते हैं. जेल प्रशासन फिलहाल इनमें से कुछ मकानों की मरम्मत करा रहा है, ताकि अस्थायी तौर पर कर्मचारियों के रहने लायक बनाए जा सकें. जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने बताया कि पूरी योजना के तहत पुराने आवासों को हटाकर नए आवास बनाए जाएंगे. पीडब्ल्यूडी के माध्यम से यह निर्माण कार्य होगा.
उन्होंने बताया कि शासन से इस कार्य के लिए स्वीकृति मिल चुकी है. उधर, जिला जेल के कर्मचारी भी आवास की कमी को लेकर लंबे समय से परेशान हैं. हाल ही में जेल डीआईजी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भी नए आवासों की मांग रखी थी. कर्मचारियों ने कहा कि बढ़ते स्टाफ और परिवारों की जरूरतों को देखते हुए उन्हें भी बेहतर आवास सुविधा मिलनी चाहिए.
