तेहरान | ईरान की सरकारी मीडिया ‘तसनीम’ के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी आज तेहरान में ईरानी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उन संदेशों पर चर्चा करना है, जिनका आदान-प्रदान 12 अप्रैल को इस्लामाबाद वार्ता के विफल होने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच हुआ है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जनरल मुनीर का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। पाकिस्तान इस समय वाशिंगटन और तेहरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, जनरल मुनीर वाशिंगटन से एक नया कूटनीतिक संदेश लेकर तेहरान पहुंचे हैं, जिसका मकसद उच्च-स्तरीय बातचीत के दूसरे दौर के लिए रूपरेखा तैयार करना है। ‘इस्लामाबाद वार्ता’ के बेनतीजा रहने के बाद यह पहल गतिरोध तोड़ने की आखिरी कोशिश मानी जा रही है। परमाणु कार्यक्रम और अन्य अति-संवेदनशील मुद्दों (रेड लाइन) पर अमेरिका और ईरान के बीच अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि हालांकि वह युद्धविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन कूटनीतिक समाधान अभी भी उनकी प्राथमिकता है और अगले कुछ दिनों में बड़े घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।
क्षेत्रीय तनाव और दो हफ्ते के नाजुक युद्धविराम के बीच हो रही यह कूटनीतिक हलचल बेहद महत्वपूर्ण है। चर्चाओं के सफल रहने पर इस्लामाबाद में सीधे बातचीत के दूसरे दौर की संभावना जताई जा रही है। इस प्रक्रिया में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सलाहकार जेरेड कुशनर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की अहम भूमिका होने की उम्मीद है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के जरिए समाधान के लिए पाकिस्तान की मेजबानी की सराहना करता है, लेकिन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु हितों से समझौता नहीं करेगा। पूरी दुनिया की नजरें अब तेहरान से निकलने वाले परिणामों पर टिकी हैं।

