ईरान ने अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहने पर लाल सागर में जहाजों की आवाजाही रोकने की दी धमकी

तेहरान, 15 अप्रैल (वार्ता) ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ‘खतम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय’ के प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही अलीआबादी ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका फारस की खाड़ी में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखता है और ईरान के वाणिज्यिक जहाजों एवं तेल टैंकरों के लिए असुरक्षा पैदा करता है, तो ईरान लाल सागर के महत्वपूर्ण ‘बाब-अल-मंडेब’ जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर देगा।

ईरानी सरकारी मीडिया में जारी संदेश में अलीआबादी ने स्पष्ट किया कि ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और लाल सागर में किसी भी प्रकार के आयात या निर्यात को जारी रखने की अनुमति नहीं देंगी।

ईरान का बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर काफी प्रभाव है, जो लाल सागर का दक्षिणी प्रवेश द्वार और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है। ईरान समर्थित यमन के हूतू विद्रोहियों का लाल सागर की सीमा से लगे एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण है, जिसका उपयोग वे जहाजों पर हमले और समुद्री डकैती के जरिए इस मार्ग को ठप करने के लिए कर सकते हैं। यह जलडमरूमध्य पश्चिमी एशिया से निर्यात होने वाले प्राकृतिक गैस और तेल उत्पादों के लिए एक अनिवार्य मार्ग है, जो कुल वैश्विक ऊर्जा पारगमन का 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संभालता है।

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य के साथ-साथ बाब-अल-मंडेब को भी बाधित करने में सफल होता है, तो इससे दुनिया के कुल तेल पारगमन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा रुक जाएगा। यह कदम पहले से ही अस्थिर वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक विनाशकारी झटका साबित हो सकता है। हालांकि अब तक हूतू विद्रोही इस युद्ध में पूरी तरह शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन उनके नेताओं ने बार-बार चेतावनी दी है कि यदि तेहरान की ओर से निर्देश मिलता है, तो वे अपने हमलों को तेज कर इस संघर्ष में एक पूर्ण खिलाड़ी के रूप में उतर सकते हैं। फिलहाल ईरान की इस धमकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामरिक तनाव को और बढ़ा दिया है।

 

 

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