इंदौर: कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि यातायात विभाग सख्ती बरतते हए बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर लाखों रूपयों की वसूली की जा रही है जबकि वाहन चालक यातायात की अव्यवस्था को लेकर कई परेरशानियां उठाते आ रहे हैं, जिस पर कोई ध्यान नहीं देता. यातायात विभाग से व्यवस्था एवं फुटपाथ पर अवैध कब्जों की बात की जाती है तो अधिकारियों की कोई प्रतिक्रिया नहीं निकलती.
शहर में कई ऐसे मार्ग है जहां नो पार्किंग में लगे वाहनों को यातायात विभाग उठाकर थाने में जमा कर देता है. इस तरह की कार्रवाई पिछले कई वर्षों से शहर में होती आ रही है. इस कार्रवाई पर विभाग कहता है कि लोगों की सुविधा के लिए सड़कों का खुला होना ज़रूरी है जबकि यह बात पूरी तरह से झूठी है. विभाग सिर्फ वसूली कर खजाना भरना चाहती है क्योंकि जब शहर के पटेल ब्रिज पर नज़र पड़ी तो मामला ही कुछ और नज़र आया. पिछले कई वर्ष से पटेल ब्रिज के दोनों तरफ अवैध पार्किंग में कारें लगी रहती है.
इस विषय में कई जिम्मेदारों द्वारा कई बार शिकायत की गई लेकिन अधिकारियों के कान पर जू तक नहीं रेंगी जिसके फल स्वरूप यह हुआ कि पटेल ब्रिज के फुटपाथ को भी अवैध रूप से दो पहिया वाहन पार्किंग बना दिया गया है, जिसके चलते पैदल चलने वालों के लिए जगह तक नहीं बची. जहां शहर भर में यातायात विभाग अवैध पार्किंग के लिए क्रेन दौड़ाता है उसी विभाग की नजरें पटेल ब्रिज की ओर क्यों नही जाती. आखिर विभाग के आला अधिकारी किस आका को खुश करने में लगे रहते है या फिर अवैध पार्किंग से वसूली हो रही है.
इनका कहना है
आम जनता फुटपाथ छोड़कर सड़क के बीच चलने को मज़बूर है जिनमें बच्चे बुजुर्ग महिलाएं भी होती है. ऐसे में दुर्घटना होना संभव है. यह विभाग क्यों नहीं समझता.
– राजकुमार
आज पटेल ब्रिज की दशा देखिए. दोनों तरफ वाहनों की कतारों के चलते बीच में रास्ता ही नहीं बचता. ज़्यादा व्यस्त होने से दिन में कई बार जाम लगता है.
– मोहन पवार
सड़क और फुटपाथ आम जनता का अधिकार है, जिस पर विभाग द्वारा ही अवैध पार्किंग बनवा दिया गया है. अब किस स्वार्थ में अनदेखी की जाती रही वही जानें.
– योगेश ठाकुर
