इंदौर: भारत शोध और बोध का देश रहा है और दोनों का आधार ही आध्यात्म रहा है. हमारे विचार का आधार भी आध्यात्म ही है. आज भारत का उदय हो रहा है. भारत के विकास में समाज के अंतिम व्यक्ति की सहभागिता ही वास्तव में भारत उदय है. अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव आना ही वास्तव में भारत उदय है. आज का समय भारत उदय का है, लेकिन इस पर और ज्यादा गहराई से मंथन की आवश्यकता है. समाज की नकारात्मकता और दुर्बलता को दूर करने के लिये सामाजिक ऑडिट भी होना चाहिये.
यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी ने मंथन से प्रबोधन विषय पर कही. आप रविवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के मुख्य सभागृह में नर्मदा साहित्य मंथन के समापन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे. आपने कहा कि जहां चार लोग खड़े होते है वहां पॉलीटिकल ऑडिट तो आरंभ हो जाता है, लेकिन भारत को आज सामाजिक ऑडिट की जरूरत है. समाज के क्या अच्छा हो रहा है, सामाजिक ताना-बाना कहा कमजोर हो रहा है, समाज में मेरी भूमिका क्या है, जैसे कई सामाजिक बिंदूओं पर हमें मंथन करना चाहिये. यह आज के समाज की जरूरत है। भारत का समाज कभी भी सरकार आधारित नहीं रहा है. भारत की सामाजिक व्यवस्था हमेशा से ही समाज आधारित रही है, जिसमें समाज के मुद्दों पर चिंतन-मनन होता था। समय के साथ समाज के मुद्दे बदल रहे है, जिस पर हमें खुद की भूमिका तय करना चाहिये. समाज के हर मुद्दे पर प्रबोधन होना चाहिये. यदि प्रबोधन नहीं होगा तो मुद्दों का समाधान नहीं निकलेगा.
देश को मजबूत करने काम करना चाहिए
पद्मश्री सुशील दोशी ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है और हमें देश को मजबूत करने के लिये काम करना चाहिये. आज जीवन में नैतिक मूल्यों की कमी आ रही है, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है. क्रिकेट ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया है, जिस पर हमें भी काम करना चाहिये. धनवान और लोकप्रिय व्यक्ति बनने की बजाए हमें अच्छे व्यक्ति बनने पर जोर देना चाहिये. इस अवसर पर पद्मश्री नारायण व्यास, दिनेश गुप्ता, पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु शिवशंकर मिश्र और श्रीरंग पैढ़ारकर उपस्थित थे. आभार देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष डा. सोनाली नरगुंदे ने माना.
कई देश भारत को गिराने में लगे
प्रथम सत्र में आंतरिक चुनौतियां और समाधान विषय पर जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेषपाल वेद ने आंतरिक चुनौतियां और समाधान विषय पर बोलते हुए कहा कि भारत की ताकत विश्व में बढ़ रही है, जिसके कारण कई देश भारत को गिराने में लगे हुए है. आंतरिक चुनौतियां और समाधान विषय पर केरल के पूर्व डीजीपी जैकब थॉमस ने कहा केरल में हालात गंभीर है. केरल में कम्यूनिस्टों के साथ ही इस्लामिक विरोधी ताकतें भी सक्रिय है, जो भारत और हिंदूओं के विरोध में काम कर रही है. द्वितीय सत्र में आमू आखा हिंदू छे विषय पर सामाजिक कार्यकर्ता सतीश गोकुल पांडा ने कहा जनजातीय समुदाय की प्रकृति और अपनी संस्कृति को बचाने में लगा हुआ है, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका गया. पहले अंग्रेजों ने, फिर कम्युनिस्टों ने और इसके बाद ईसाईयों ने जनजातीय समुदाय का बड़े स्तर पर धर्मांतरण किया. समुदाय को धर्मांतरण से बचना ही होगा,
