
अब शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट पेश करेगा जिला प्रशासन
गोवर्धन सागर के अतिक्रमण हटाने के एनजीटी ने दिए थे आदेश
नपती के बाद वीडी मार्केट की 51 दुकानें टूटना तय
नवभारत न्यूज
उज्जैन. दबाव प्रभाव राजनीतिक रसूख़ से लेकर हाईकोर्ट से स्टे लाने तक वीडी क्लाथ मार्केट के व्यापारियों ने खूब प्रयास किया कि कार्रवाई थम जाए बावजूद इसके नपती के बाद वह दुकानें टूटना तय है, जो गोवर्धन सागर के दायरे में बनी हुई है.
दरअसल एनजीटी ने गोवर्धन सागर के मूल स्वरूप को लौटाने और अवैध निर्माण अतिक्रमण हटाने के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे, उसके बाद से ही प्रक्रिया लगातार चल रही है.
2 सप्ताह खत्म, नपती शुरू
नवभारत से चर्चा में एसडीएम एलएन गर्ग तहसीलदार रुपाली जैन और आलोक चोरे ने बताया कि मंगलवार को वीडी क्लाथ मार्केट में बनी दुकानों से लेकर उस क्षेत्र में नपती शुरू कर दी है, जहां गोवर्धन सागर का दायरा है. पूरी रिपोर्ट बनाकर एनजीटी में प्रस्तुत की जाएगी उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.
मास्टर प्लान में उल्लेख
1975 से 1991तक के मास्टर प्लान में उद्यान हेतु आरक्षित बगीचे की भूमि को समाप्त कर एवं पास के तालाब की भूमि सर्वे नंबर 1281/1/1 की चार बीघा 5 बिसवा पर अवैध कब्जा कर वर्ष 1985 में दुकानें बनाई गई. विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट पर संकट के बादल छा गए.
टूटेंगी 51 दुकान
वीडी मार्केट में तालाब में बनी 51 दुकानों को तोड़ने के एनजीटी के आदेश पहले ही आ चुके है. वीडी क्लॉथ मार्केट के जिम्मेदारों ने आनन फानन में कुछ ऐसे तथ्य प्रस्तुत कर दिए जो शंकास्पद है. जिला प्रशासन नगर निगम और अन्य अधिकारियों को भ्रमित करते हुए कुछ दिनों के लिए कार्रवाई रुकवा ली गई बावजूद इसके अब नपती के बाद 51 दुकान टूटना तय माना जा रहा है.
सर्वे नंबर की गफलत
भूमि सर्वे नंबर 1281 के स्थान पर दुकानें भूमि सर्वे नंबर 1312/1 एवं 1312/2 में बनी होने के असत्य एवं भ्रामक तथ्य शपथ पत्र के साथ पेश करने की भी बात सामने आई है. जबकि जिला प्रशासन का मानना है कि सर्वे नंबर की गफलत बताकर कार्रवाई से बचने के प्रयास किया जा रहे हैं.
नपती करवाने में आनाकानी
भूमि सर्वे नंबर 1312/1 एवं 1312/2 ताकायमी कारखाने की 14 बीघा 13 बिसवा भूमि क्रय कर 18 बीघा 18 बिसवा पर बनाई गई वि डी मार्केट के संचालकों ने न्यायालयों के कई आदेशों के बावजूद भी 1986 से आज दिनांक तक नपती करने हेतु अधिकृत एवं जिम्मेदार पटवारी,गिरदावर एवं तहसीलदारों को नपती करने से रोका, भूमि सर्वे नंबर 1312/1 एवं 1312/2 तथा तालाब की भूमि सर्वे नंबर 1281 की नपती नहीं होने दी.
एनजीटी ने दिए आदेश
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने निराकरण हेतु अपने आदेश दिनांक 4/2/2025 को दिए सख्त आदेश में कलेक्टर उज्जैन और कमिश्नर उज्जैन को अपने शपथ पत्र के साथ दोनों सर्वे नंबर की नपती एवं एक्शन टेकन रिपोर्ट दो सप्ताह में पेश करने का आदे दीए थे। 18 फरवरी को 2 सप्ताह पूरे हो गए.
