
उज्जैन। जमीन विवाद को लेकर बहू ने अपनी बेटियों के साथ मिलकर 100 साल की सास से विवाद किया और खेत में जल रहे खापों के बीच फेंक दिया। झुलसी हालत में बुजुर्ग महिला को उपचार के लिए चरक अस्पताल लाया गया है। तराना के ग्राम लसूडिया बेचर से झुलसी हालत में रामकुंवर बाई पति इंदु सिंह 100 साल को पोते विजय और कृपाल उपचार के लिए रात में चरक अस्पताल लेकर पहुंचे। पोते विजय ने बताया कि दादी के तीन बेटे थे एक रमेश सिंह दूसरा मोड़सिंह और तीसरा मेहरबान सिंह।
11 बीघा जमीन को लेकर चल रहा विवाद
कुछ साल पहले मेहरबान ने 11 बीघा जमीन खरीदी थी, लेकिन वर्ष 2018 में मेहरबान की मौत हो गई। उसके द्वारा खरीदी गई 11 बीघा जमीन रामकुंवरबाई के पास थी, उनका कहना था कि 11 बीघा जमीन का तीनों भाइयों के परिवार के बीच बटवारा किया जाएगा, लेकिन मेहरबान की पत्नी कृष्णाबाई जमीन का बंटवारा नहीं चाहती थी और आए दिन विवाद करने लगी थी। जिसके चलते दादी अपने दो बेटे रमेश और मोडसिंह के साथ रहने लगी थी। मंगलवार शाम को कृष्णाबाई अपनी दो बेटी पूजा और कविता के साथ घर आई और दादी से विवाद करने लगी तीनों ने दादी को उठाकर घर के समीप खेत में जल रहे खापों के बीच पटक दिया। जिसके चलते दादी के हाथ पैर झुलस गए हैं। दोनों पोते विजय और कृपाल का कहना था कि ग्रामीणों की मदद से दादी को बचाया और उपचार के लिए उज्जैन लेकर आए हैं। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।
