
जबलपुर: आगामी 27 अगस्त से गणेश चतुर्थी का महापर्व शुरू हो रहा है। बप्पा के आगमन को लेकर शहर में उत्साह नज़र आने लगा है। मूर्तिकार द्वारा भी मूर्तियों को आखिरी स्वरूप देना शुरू कर दिया है। 10 दिन तक चलने वाला यह उत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दौरान घरों और बड़े-बड़े पूजा पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इसी को लेकर शहर के बजारों में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई है। इसके साथ ही लोग गणेश जी को अपने घर में लाने के लिए बाजारों में सजावट के सामान की खरीददारी के लिए निकल पड़े हैं।
बाज़ार में दिखने लगी रौनक
गणेश चतुर्थी आने के महीनों पहले से ही मूर्तियां बनना शुरू हो जाती हैं। मुख्य बाजार जैसे कमानिया गेट, बड़ा फुहारा, लार्डगंज, गोरखपुर, छोटे फुहारा, गोहलपुर, आधारताल आदि सभी जगह गणेश प्रतिमाओं की दुकानें लगी हुई है। साथ ही गणेश पंडाल के सजावट की दुकानें भी शहर में हैं, जहां से लोग अपने घरों में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने से पहले घरों पंडालों में अच्छी सजावट करते हैं।
अलग- अलग प्रकार की मूर्तियां
गणेश जी की प्रतीमा के भी कई स्वरूप देखने को मिलते हैं। बाजार में तरह तरह की मूर्तियां देखने को मिल रही हैं। मूर्तिकार ने बताया कि बाजार में पगड़ी वाले गणेश, राजगद्दी में बैठ गणेश, मोर, चूहा, शंख, लेटे हुए गणेश जी, जैसी अन्य स्वरूप में प्रतिमाएं मिल जायेंगी।
पीओपी की मूर्ति से परहेज
प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां भी बाजार में बिकती हैं। लेकिन लोगों की भक्ति और श्रद्धा भगवान गणेश के प्रति अधिक है एवं हिंदू रीतिरिवाज में शुद्ध मिट्टी की ही बनी मूर्ति का पूजन अर्चन किया जाता है। इसलिए लोग फैशन को न देखते हुऐ भगवान के ऊपर सच्ची श्रद्धा रखते हुए लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति से परहेज करके शुद्ध मिट्टी से ही बनी मूर्ति स्थापित करते हैं।
