16 बार के एशिया कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान कभी फाइनल में आमने-सामने नहीं आए।
नई दिल्ली, 25 अगस्त (वार्ता): क्रिकेट की दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता में से एक, भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर एशिया कप में हमेशा रोमांच रहता है। हालांकि, एशिया कप के इतिहास में कुछ ऐसे अनोखे फैक्ट्स हैं, जो शायद हर क्रिकेट फैन को पता नहीं होंगे।
1. फाइनल में कभी नहीं हुआ मुकाबला
एशिया कप के इतिहास में यह सबसे चौंकाने वाला फैक्ट है। इस टूर्नामेंट के 16 संस्करण हो चुके हैं, लेकिन भारत और पाकिस्तान एक बार भी फाइनल में नहीं भिड़े हैं। भारतीय टीम 11 बार फाइनल में पहुंची है, जबकि पाकिस्तान 5 बार, लेकिन दोनों के रास्ते कभी खिताबी मुकाबले में नहीं मिले।
2. भारत का फाइनल में दबदबा
भारत ने फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 9 बार और बांग्लादेश के खिलाफ 2 बार मुकाबला किया है, जिसमें भारत ने 8 बार जीत दर्ज की है। वहीं, पाकिस्तान ने अपने 5 फाइनल में से 2 में जीत हासिल की है।
3. श्रीलंका ने खेले हैं सबसे ज्यादा फाइनल
एशिया कप के फाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने का रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम है, जिसने 13 बार फाइनल खेला है। भारत 11 बार और पाकिस्तान 5 बार फाइनल में पहुंचे हैं।
4. 1986 में भारत ने किया था बहिष्कार
साल 1986 में भारत ने श्रीलंका के साथ खराब क्रिकेट संबंधों के चलते एशिया कप का बहिष्कार किया था। वहीं, 1990-91 में भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था।
5. सबसे सफल टीम है भारत
एशिया कप में सबसे ज्यादा बार जीतने का रिकॉर्ड भारत के नाम है। भारत ने 8 बार यह खिताब जीता है, जबकि श्रीलंका ने 6 और पाकिस्तान ने 2 बार यह खिताब जीता है।

