उज्जैन:सुप्रीम कोर्ट के निर्देश मिलने के बाद अब तकिया मस्जिद की जमीन पर महाकाल मंदिर समिति का नाम जिला प्रशासन ने खसरे में दर्ज कर दिया है, मंदिर समिति अब यहां पर नए सिरे से पार्किंग बनाने के लिए ड्राइंग डिजाइन तैयार करवाने में जुटी है.इस क्षेत्र में 257 मकान तोड़े गए वहीं मस्जिद भी हटाई गई ऐसे में रहवासियों की जो मांग थी, उसे अस्वीकार करते हुए कोर्ट ने निर्णय दिया है. यही कारण है कि अब विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही सिंहस्थ 2028 की तैयारी में इस जगह का उपयोग किया जाएगा.
बड़े पैमाने पर बनेगी पार्किंग
तकिया मस्जिद की जमीन से अवैध निर्माण अतिक्रमण हटाने के बाद बड़े पैमाने पर यहां पार्किंग बनाई जाएगी, महाकाल मंदिर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही शिप्रा नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के वाहन भी यहीं पर पार्क हो सकेंगे.
मंदिर समिति बना रही ड्राइंग डिजाइन
इसके लिए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ड्राइंग डिजाइन बनाने में जुट गई, नए सिरे से इसके टेंडर भी किए जाएंगे. कुल मिलाकर जिला प्रशासन महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के समन्वय से अब तकिया मस्जिद की फाइल एक बार फिर नए निर्माण को लेकर आगे बढ़ेगी.
कानूनी विवाद खत्म
नवभारत से चर्चा में एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि जितना भी कानूनी विवाद था वह समाप्त हो गया है, जिला प्रशासन ने मंदिर प्रबंध समिति का नाम खसरे में चढ़ा दिया है और अब मंदिर प्रबंध समिति ही आगे की प्रक्रिया संपन्न करेगी.
मंदिर के आसपास का क्षेत्र होगा कनेक्ट
इधर, जयसिंहपुरा चारधाम मंदिर वाला मार्ग अभी चौड़ा किया जा रहा है चौड़ीकरण के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है, लोग अपने हाथों से अपने मकान दुकान इस क्षेत्र में भी तोड़ने लगे हैं. महाकाल मंदिर के आसपास का पूरा क्षेत्र नए पार्किंग से कनेक्ट हो जाएगा.
सिंहस्थ में मिलेगी सुविधा
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को नए पार्किंग से सुविधा मिलेगी, हाल फिलहाल जो पार्किंग बनी है उसे तोड़ा जा रहा है और नई पार्किंग में पुरानी पार्किंग को शिफ्ट कर दिया जाएगा. हालांकि यह पार्किंग महाकाल लोक के लिए ज्यादा उपयोगी साबित हुई है, और आने वाले समय में भी महाकाल लोक के लिए ही रहेगी, विशेष पर्वों पर इस पार्किंग का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए किया जाएगा.
