राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम सुधार, बैठक में लिया गया निर्णय

इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में 17 अप्रैल को कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में डीन, बोर्ड ऑफ स्टडीज के चेयरमैन, कुलसचिव प्रज्वल खरे तथा डीसीडीसी प्रो. सचिन शर्मा उपस्थित रहे.बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय के सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान प्रणालियाँ (आईकएस) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल किया जाएगा. इस निर्णय के साथ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ऐसा करने वाला पहला विश्वविद्यालय बन गया है. कुलगुरु ने बताया कि यह कदम बदलते शैक्षिक परिवेश और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. इसका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संतुलित समावेश कर विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना है.

व्यवहारिक ज्ञान दिया जाएगा
नई व्यवस्था के तहत विज्ञान, इंजीनियरिंग, मानविकी, वाणिज्य और प्रबंधन सहित सभी संकायों में आईकेएस और यूएआई से जुड़े मॉड्यूल शामिल किए जाएंगे. छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के टूल्स, डेटा विश्लेषण और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा, साथ ही उन्हें भारतीय दर्शन, पारंपरिक विज्ञान और सतत विकास की समझ भी प्रदान की जाएगी. यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप मानी जा रही है और उच्च शिक्षा में परंपरा एवं आधुनिक तकनीक के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है.

Next Post

16 बदमाशों पर पुलिस की सख्ती, 5 जिलाबदर, 11 को थाना हाजिरी के आदेश

Sun Apr 19 , 2026
इंदौर:शहर में अपराध और बदमाशों पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने 16 आदतन बदमाशों पर कार्रवाई की है. पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर 5 कुख्यात आरोपियों को 3 से 6 माह के लिए जिलाबदर कर इंदौर शहर, देहात और सीमावर्ती जिलों की सीमा से बाहर किया है, जबकि 11 अन्य […]

You May Like

मनोरंजन