दुर्गापुर | भारत और पाकिस्तान के बीच आज होने वाले महामुकाबले से पहले पूर्व विश्व कप विजेता खिलाड़ी और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने आईसीसी (ICC) की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर क्यों हर टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान को जानबूझकर एक ही ग्रुप में रखा जाता है। आजाद ने इसे ‘फिक्सिंग’ करार देते हुए कहा कि अन्य टीमों के ग्रुप बदलते रहते हैं, लेकिन भारत-पाक का हमेशा एक साथ होना निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर संदेह पैदा करता है। आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2026 तक हर सीजन में ये दोनों टीमें एक ही ग्रुप का हिस्सा रही हैं।
कीर्ति आजाद ने क्रिकेट प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप और भाई-भतीजावाद को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बीसीसीआई के पूर्व सचिव और वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष जय शाह पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि लोढ़ा समिति और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद आज भी शीर्ष पदों पर राजनीतिक हस्तियों का कब्जा है। आजाद ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि लोग भाई-भतीजावाद की बात करते हैं, यहाँ पिता राजनीति में हैं और बेटा आईसीसी के सर्वोच्च पद पर बैठा है, जो खेल की मूल भावना और परंपरा के साथ खिलवाड़ है।
पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि क्रिकेट की साख को बचाए रखने के लिए आईसीसी और बीसीसीआई को अपनी कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता लानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या ग्रुप का फैसला लॉटरी से होता है या ये दोनों नाम पहले ही अलग रख लिए जाते हैं। आजाद ने जोर देकर कहा कि क्रिकेट प्रशासन का पारदर्शी होना ही खेल को जीवित रखने की पहली शर्त है। हालांकि, विवादों के बीच उन्होंने रविवार को होने वाले मैच में भारतीय टीम की जीत को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उनके सवालों ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है।

