सोमवार को निवेशकों को लगा झटका, पर असल में कंपनी के कॉर्पोरेट एक्शन के कारण हुआ शेयर मूल्य का समायोजन; जानें क्या है 4:1 बोनस और 1:2 स्टॉक स्प्लिट का मतलब।
मुंबई, 16 जून (वार्ता): आज सुबह शेयर बाजार खुलते ही बजाज फाइनेंस के शेयरों में अचानक लगभग 90% की भारी गिरावट देखकर कई निवेशक हैरान रह गए। हालांकि, यह किसी वास्तविक क्रैश या बिकवाली का परिणाम नहीं है, बल्कि कंपनी द्वारा घोषित 4:1 बोनस इश्यू और 1:2 स्टॉक स्प्लिट के कारण हुआ एक तकनीकी समायोजन है। निवेशकों को इस नाटकीय गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके निवेश के कुल मूल्य पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बजाज फाइनेंस ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए दो महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट एक्शन की घोषणा की थी: 4:1 बोनस शेयर और 1:2 स्टॉक स्प्लिट। आज, 16 जून, 2025 को इन दोनों कॉर्पोरेट एक्शन के लिए रिकॉर्ड डेट निर्धारित की गई थी, जिसका अर्थ है कि कंपनी ने आज ही योग्य शेयरधारकों का निर्धारण किया। स्टॉक स्प्लिट (1:2 के अनुपात में) का मतलब है कि बजाज फाइनेंस के प्रत्येक मौजूदा शेयर (जिसका फेस वैल्यू ₹2 था) को दो नए शेयरों में विभाजित किया गया है, जिनका फेस वैल्यू ₹1 होगा। इसके बाद, बोनस इश्यू (4:1 के अनुपात में) प्रभावी हुआ, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक एक शेयर के लिए, शेयरधारकों को चार अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेंगे। इन दोनों कार्रवाइयों के संयुक्त प्रभाव से, यदि किसी निवेशक के पास पहले 1 शेयर था, तो अब उसके पास कुल 10 शेयर हो जाएंगे (1 शेयर 2 में विभाजित हुआ, फिर प्रत्येक 1 शेयर पर 4 बोनस शेयर मिले, तो 2 शेयर पर 8 बोनस शेयर + 2 मूल शेयर = 10 शेयर)। शेयरों की संख्या बढ़ने के कारण, प्रति शेयर मूल्य में उसी अनुपात में कमी आई है ताकि कुल निवेश का मूल्य अपरिवर्तित रहे।
उदाहरण के लिए, यदि शुक्रवार को बजाज फाइनेंस का शेयर लगभग ₹9334 पर बंद हुआ था, तो इन कॉर्पोरेट एक्शन के बाद आज यह लगभग ₹933 के स्तर पर खुला है। यह कमी केवल तकनीकी समायोजन है और निवेशकों के धन की सुरक्षा पर कोई असर नहीं डालती। कॉर्पोरेट एक्शन का यह कदम आमतौर पर कंपनियों द्वारा स्टॉक की तरलता (लिक्विडिटी) बढ़ाने और खुदरा निवेशकों के लिए शेयरों को अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से उठाया जाता है, जिससे अधिक से अधिक निवेशक कंपनी के शेयरों में निवेश कर सकें। बजाज फाइनेंस ने पुष्टि की है कि बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट की प्रक्रिया 27 जून तक पूरी हो जाएगी और नए शेयर डीमैट खातों में जमा कर दिए जाएंगे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन कार्रवाइयों से लंबी अवधि में स्टॉक को लाभ होगा और खुदरा भागीदारी बढ़ेगी।

