भोपाल: एक मई से शुरू हो रहे जनणगना के प्रथम चरण का काम 6000 कर्मचारी करेंगे। जनगणना कार्य निदेशालय के निर्देशानुसार कर्मचारी मकान सूचीकरण व मकानों की गणना का काम किया जा रहा है। प्रथम चरण में काम को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपादित करने के उद्देश्य से भोपाल जिले के शहरी क्षेत्र को 25 भागों में बांटा गया है। इसके लिए 5042 प्रगणकों(कर्मचारियों) की नियुक्ति की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 907 प्रगणकों की नियुक्ति की गई है। एक प्रगणक को 200 मकानों की गणना करनी है। ग्रामीण क्षेत्र में 04 क्षेत्र बनाए गए हैं जिसमें बैरसिया नगर परिषद, बैरसिया ग्रामीण, हुजूर एवं कोलार इसके साथ ही उनके कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक 6 प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है।
15 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक चलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें मकान नंबरिंग की प्रक्रिया, सूचीकरण के दौरान सावधानियां, घर-घर भ्रमण की कार्ययोजना, अभिलेखों की शुद्धता, समय-सीमा के पालन, आम नागरिकों से समन्वय बनाकर का विशेष जोर रहेगा। जनगणना 2026-27 का पहला चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना) 1 मई से शुरू होकर 30 मई के बीच चलेगा, जो पूरी तरह डिजिटल होगा। इसमें 33 सवालों के साथ मकानों की जियो-टैगिंग और पहली बार ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प दिया जा रहा है,जो 16 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चलेगा।
-मोबाइल ऐप खुद जानकारी भी दर्ज कर सकते हैं
डिजिटल सर्वे में डेटा संग्रहण के लिए मोबाइल ऐप व स्मार्टफोन का उपयोग करके स्व-गणना पोर्टल पर या न्यूज आॅन एयर पर घर बैठे 15 दिनों के भीतर खुद की जानकारी आॅनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
33 सवालों का यह रहेग सेट
33 सवालों का सेट रहेगा। इसमें घर की बनावट (छत, दीवार, फर्श), मकान नंबर, परिवार के सदस्यों की संख्या, और सुविधाओं (पानी, बिजली, शौचालय, वाहन) से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। मकानों की जियो- टैगिंग की जाएगी। जिससे सही डिजिटल मैपिंग हो सके। मकान सूचीकरण और आवास गणना 1 मई से शुरू होकर 30 मई तक जारी रहेगी जिसमें हर संरचना को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी।
