नीतीश की बिदाई के साथ भाजपाई दौर का होगा आगाज

प्रवेश कुमार मिश्र नई दिल्ली। बिहार की राजनीति सत्ता-हस्तांतरण के उस मुहाने पर खड़ी है जहाँ एक तरफ एक लंबा व प्रभावशाली अध्याय समाप्त हो रहा है वहीं दूसरी ओर लंबे इंतजार के बाद भाजपाई नेतृत्व प्रत्यक्ष रूप से सत्ता पर काबिज होने जा रहा है. हालांकि नए व पुराने अध्याय के आरंभ व अंत के बीच समन्वय स्थापित करना आसान नहीं है इसलिए सबकी निगाहें केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सर्वमान्य नेता के नाम की औपचारिक घोषणा पर टिकी हुई है.

14 अप्रैल को जहां एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक कर इस्तीफा देंगे वहीं भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान द्वारा नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी. सूत्रों की मानें तो भाजपा हाईकमान लगभग एक दर्जन से ज्यादा संभावित नामों की बहुस्तरीय जांच करने के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर मन बना चुका है हालांकि तमाम पड़ताल के बावजूद नीतीश कुमार के पसंद का खास ख्याल रखा गया है. सूत्रों की मानें तो भाजपाई रणनीतिकार नीतीश कुमार के सामने दो तीन विकल्प रखकर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन नीतीश अभी भी भाजपा द्वारा तय किए गए एक नाम की जानकारी चाह रहे हैं. इसलिए सोमवार को पूरे दिन जदयू व भाजपा के नेताओं की अलग अलग और एक साथ चार दौर की बैठक हुई है. चर्चा है कि नीतीश कुमार किसी अनुभवी नेता के हाथ सत्ता हस्तांतरण करने के पक्ष में हैं. उनका स्पष्ट मानना है कि बिहार की जाति आधारित राजनीतिक समीकरण को साधने के लिए कम अनुभवी नेता को पसंद और नापसंद के आधार पर नहीं थोपा जा सकता है इसलिए जदयू की ओर से मुख्यमंत्री का एक नाम मांगा गया है. सूत्रों की मानें तो शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को नीतीश कुमार से भी मिलेंगे और पार्टी नेतृत्व और विधायकों की भावना से अवगत कराएंगे.

सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार की पहली पसंद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं इसलिए उनका नाम मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे होने का स्पष्ट संकेत मिल रहा है. इसके अलावा संजय जायसवाल, नित्यानंद राय, जनक राम, श्रेयसी सिंह, दिलीप जायसवाल, सतीश चन्द्र दुबे, प्रेमशीला गुप्ता, रेणु देवी, संजीव चौरसिया तथा अभय गिरि जैसे कई नामों की चर्चा जोरों पर है. सूत्रों की मानें तो नाम तय किया जा चुका है लेकिन दूरगामी रणनीति के तहत इसे अचानक सार्वजनिक किया जाएगा. इतना ही नहीं जदयू कोटे से उपमुख्यमंत्री बनाने के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम रखा जा रहा है ताकि जदयू भाजपाई निर्णय को स्वेच्छा से स्वीकार कर ले. बहरहाल, मंगलवार का दिन शिवराज सिंह चौहान के निगरानी में बिहार की राजनीति के लिए बहुत बड़े बदलाव के रूप में इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है.

Next Post

सूने रेस्टोरेंट से एक लाख की चोरी हाईवे पर स्थित मकान के ताले चटकाकर की चोरी

Mon Apr 13 , 2026
कुरावर। कुरावर और औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी के बीच में हाईवे पर एक रेस्टोरेंट से अज्ञात बदमाशों के द्वारा ताले काटकर नगदी एवं सामान सहित करीब एक लाख रुपये चोरी करने की घटना प्रकाश में आई है. जानकारी के अनुसार हाईवे पर औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी के समीप आनंद ट्रेडर्स के सामने […]

You May Like