आग से डेढ़ दर्जन किसानों की फसल प्रभावित

सतना : एक ओर जहां गर्मी के मौसम में खेतों में आग लगने के कारण सैकड़ों एकड़ फसल जलकर खाक हो जाती है वहीं दूसरी ओर अधिकांश मामलों में ट्रांसफार्मर अथवा झूलते तारों से निकली चिंगारी प्रमुख कारण के तौर पर नजर आती है. लेकिन इसके बावजूद भी व्यवस्था में किसी तरह के सुधार की गुंजाइश अब तक सामने नहीं आ सकी है. लिहाजा इस बार भी अप्रैल का महीना शुरु होते ही जिले भर में खतों में आग लगने की अब तक आधा सैकड़ा घटनाएं सामने आ चुकी हैं.सतना और मैहर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में खेतों में पिछले सप्ताह भर से हर रोज आग लगने सामने आ रही घटना रविवार को भी जारी रही.

लेकिन रविवार को सामने आई घटना ने इतना भयावह रुप ले लिया कि एक ओर जहां लगभग डेढ़ दर्जन किसानों की फसल बुरी तरह प्रभावित हो गई. वहीं दूसरी ओर तकरीबन 70 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई. रविवार को खेतों में आग लगने की घटना जिले के सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना हार के साथ-साथ उचेहरा क्षेत्र के मैनहां में सामने आईं. इतना ही नहीं बल्कि गोड़ान टोला मझगवां के पीछे की ओर स्थित जंगल में भी भीषण आग भडक़ती नजर आई. लेकिन खतों में आग लगने की सबसे अधिक भयावह तस्वीर सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना में देखने को मिली. ग्रामीणों के अनुसार खेतों के ऊपर झूल रही विद्युत तारों से चिंगारियां उठीं.

जिसके चलते सूखे हुए गेहूं की फसल ने आग पकड़ ली. सूखी गर्मी के साथ तेज हवाओं ने आग को और भडक़ा दिया. जिसके चलते देखते ही देखते आग खेतों में फैलने लगी. हलांकि किसानों ने अपने पास उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया. लेकिन आग की विकरालता के आगे उनका बस नहीं चला. इस दौरान ग्रामीणों द्वारा दमकल को भी सूचना दी गई. लेकिन जब तक दमकल मौके पर पहुंच पाती तब तक तकरीबन 15 किसानों की फसल जलकर खाक हो चुकी थी. ग्रामीणों के अनुसार रविवार को लगी आग के चलते लगभग 79 एकड़ में फैली गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई. बताया गया कि जिन किसानों को भारी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ी में उनमें सोमेश मिश्रा, सोनू मिश्रा, रतन मिश्रा, अवधेश तिवारी, धु्रव कुमार तिवारी सहित अन्य किसान शामिल हैं.
नाराज किसानों ने किया चक्काजाम
खेत में लगी भीषण आग को देखते हुए किसानों द्वारा दमकल को सूचना दी गई थी. लेकिन इसके बावजूद भी दमकल को मौके पर पहुंचने में काफी देर लग गई. जिसे देखते हुए किसान आक्रोशित हो गए और सिंहपुर के पास स्थित मुख्य मार्ग को बाधित करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार व थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और समझाइस देने का प्रयास किया. किसानों को आश्वस्त किया गया कि किसानों को हुए नुकसान का आकलन कराकर क्षतिपूर्ति दी जाएगी. इसके साथ ही दमकल वाहन के पहुंचने ममें हुई देरी की भी जांच कराई जाएगी. यह सुनकर आक्रोशित किसानों का गुस्सा कुछ कम हुआ और लगभग घंटे भर बाद वे मार्ग से हटने को राजी हो गए.
बेटी का तिलक है आज
खेतों में आग लगने के चलते गेहूं की खड़ी फसल जलकर खाक हो जाने की घटना ने किसान धुव्र कुमार तिवारी को बुरी तरह से झकझोर दिया. उन्होंने रुंधे हुए गले से बताया कि सोमवार को बेटी का तिलक लेकर जाना है. इस वर्ष ेूहें की फसल काफी अच्छी हुई थी. जिसे देखते हुए वे बेटी के विवाह को लकर काफी उत्साहित थे. लेकिन इस घटना ने उनके सारे सपनों पर पानी फेर दिया. वहीं क्षतिपूर्ति मिलने की बात पर आक्रोशित होते हुए उन्होंने कहा कि यह बात किसी किसान से छिपी नहीं है कि क्षतिपूर्ति के जरिए मिलने वाली राशि ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित होती आई है

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