इंदौर:शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठती शिकायतों के बीच अब एक टोल फ्री नंबर उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है. कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल पर शुरू हुई इस व्यवस्था ने अभिभावकों की वर्षों पुरानी परेशानी को आवाज दी है- और अब उस आवाज पर तुरंत कार्रवाई भी हो रही है.हर दिन दर्जनों शिकायतें आ रही है. कोई किताबों की जबरन खरीद का आरोप लगाता है, तो कोई फीस, आरटीई या एडमिशन को लेकर परेशान है. पहले जो शिकायतें इधर-उधर भटकती थीं, अब सीधे जिला शिक्षा विभाग तक पहुंच रही हैं. गांधीनगर स्थित डॉ. विश्वनाथ कराडा गुरुकुल शांति वर्ल्ड पीस स्कूल का मामला इस सख्ती का बड़ा उदाहरण बना. अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन अपनी ही दुकान से कॉपी-किताब खरीदने का दबाव बना रहा है. जांच में शिकायत सही पाई गई और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई.
पांच दिन शिकायतों के आंकड़े
7 अप्रैल से 11 अप्रैल तक के आंकड़े इस व्यवस्था की सक्रियता खुद बयां करते हैं. 7 अप्रैल को 33 शिकायतें, 8 अप्रैल को 18 शिकायतें, 9 अप्रैल को 13 शिकायतें, 10 अप्रैल को 13 शिकायतें, और 11 अप्रैल को 7 शिकायतें दर्ज की गईं. इनमें से लगभग 80′ शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि बाकी पर कार्रवाई जारी है.
मौके पर ही किया जा रहा समाधान
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. शांत स्वामी के अनुसार अब सिर्फ किताबों की नहीं, बल्कि फीस, आरटीई और एडमिशन से जुड़ी शिकायतें भी सीधे इसी टोल फ्री नंबर पर आ रही हैं- जिनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है. जिले में अलग-अलग स्तर पर टीमें गठित की गई हैं- प्राथमिक (कक्षा 1 से 8) और माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक (कक्षा 9 से 12) के लिए- जो शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही हैं. अब इंदौर में शिकायतें सिर्फ दर्ज नहीं होतीं- उन पर तुरंत एक्शन भी दिखता है.
