नवचंडी मेला भूमि पर निर्माण पर हाईकोर्ट की रोक, नगर निगम को लगा झटका

खंडवा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने खंडवा स्थित नवचंडी माता मंदिर की मेला भूमि (5.05 एकड़) पर नगर निगम द्वारा किए जा रहे दुकानों के निर्माण पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने 8 अप्रैल को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि बाउंड्रीवॉल और सडक़ के बीच किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मेला भूमि को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पार्किंग, अग्निशमन और पुलिस व्यवस्था के लिए खाली रखा जाना आवश्यक है। यह आदेश अंतिम निर्णय तक प्रभावी रहेगा भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर खतरा बताया याचिकाकर्ता मीना वर्मा ने निर्माण को जनहित के विरुद्ध बताते हुए चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान नगर निगम ने भी स्वीकार किया कि भूमि मेला आयोजन के लिए आरक्षित है। कोर्ट ने रिकॉर्ड और प्रस्तुत तस्वीरों के आधार पर माना कि निर्माण से भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होंगी, जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खतरा है। मेला संचालन को लेकर विवाद नवचंडी मेले का संचालन वर्षों से परंपरागत रूप से महंत बाबा गंगाराम द्वारा किया जाता रहा है, लेकिन पिछले दो वर्षों से नगर निगम ने इसका संचालन अपने हाथ में ले लिया है। इसी दौरान मेला भूमि पर दुकानों के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ा और विरोध प्रदर्शन भी हुए। विरोध के बावजूद जारी था निर्माण स्थानीय विरोध और प्रदर्शन के बावजूद नगर निगम द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा गया था। अब हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद निर्माण पर पूरी तरह रोक लग गई है, जिससे प्रशासनिक फैसलों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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