जबलपुर: जबलपुर रेलवे स्टेशन पर बने पैदल पुल को अब रेलवे अलग करने लगा है। ये पुल के हट जाने से रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य को भी गति मिल सकेगी। हालाकि अभी रिडेवलपमेंट कार्य हेतु टेंडर होना बाक़ी है। जानकारी अनुसार प्लेटफार्म नंबर 1 के बाहर से 6 की ओर बिना प्लेटफार्म के अंदर प्रवेश किये उस पार जाने के लिए एक समय रोजाना उपयोग होने वाला यह ब्रिज लंबे समय से अपनी अंतिम सांसे ले रहा था। जिसको तोड़ने के लिए पिछले कुछ दिनों से बड़ी बड़ी मशीनें यहाँ लगाई गई थी। बता दे कि प्लेटफार्म नंबर 1 के बाहर आरपीएफ थाना के समीप खड़ी विशाल क्रेन इस एफओबी को तोडऩे का काम कर रही है। इस क्रेन की ऊंचाई लोगों का ध्यान आकृष्ट कर रही है। बताया जाता है कि रेलवे ने इस ब्रिज की आयु होने के बाद इसे तोडऩे का निर्णय लिया था, ताकि कोई हादसा नहीं हो।
टेंडर होते ही शुरू होगा रीडेवलपमेंट का कार्य
बता दे कि जबलपुर रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट का कार्य शीघ्र शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए लगभग 247 करोड़ रुपये भी मंजूर किये जा चुके हैं बस अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने का इंतज़ार है। इसी काम के सिलसिले में इस पुराने एफओबी को हटाना जरूरी हो गया था। मालूम हो कि लंबे वक्त से बंद पड़े इस पुल का उपयोग कर इस पार से उस पार जाने वाले यात्री परेशान थे। खास स्टूडेंट्स वर्ग जो पहले प्लेटफार्म नंबर 1 के बाहर से बिना अंदर प्रवेश किये 6 नंबर की ओर जा व वापसी करते थे, अब उनके सामने समस्या खड़ी हो जाएगी। अब अगर वे प्लेटफार्म के अंदर से उस पार जाएगे तो उन्हें प्लेटफार्म टिकट लेना अनिवाय हो जाएगा और अगर ऐसा नहीं करते हैं तो बिना टिकट जुर्माना किये जाने की संभावना बढ़ जाएगी।
