सिंगरौली: जनपद पंचायत चितरंगी के दूरस्थ अंचल बरदहा घाट हनुमान मंदिर से गोड़गवां-बरवाडीह, बंजरिया होते हुए सीमावर्ती सोनभद्र (यूपी) के सिल्फी-कुड़ारी तक जाने वाला मार्ग अब भी कच्चा है। क्षेत्र के कई गांवों के लिए यह प्रमुख संपर्क मार्ग है, लेकिन पक्की सड़क की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग वर्षों से कच्चा ही बना हुआ है, जिससे आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस सड़क के पक्के होने से करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है। साथ ही, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच आवाजाही भी सुगम हो जाएगी।ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से खैड़ार, बरवाडीह, बंजरिया, झरकटा और गोड़गवां सहित कई गांवों के लोग नियमित रूप से आवागमन करते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के रिश्तेदार भी सोनभद्र जिले में हैं, जिससे इस मार्ग का महत्व और बढ़ जाता है।
खैड़ार निवासी प्रमोद कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है और इसे पक्का बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। वहीं, कमलेश चतुर्वेदी ने बताया कि बरदहा घाट से गोड़गवां तक यह एकमात्र मार्ग है, जिसकी वर्तमान स्थिति उबड़-खाबड़ और पथरीली होने के कारण पैदल चलना भी कठिन हो जाता है।ग्रामीणों का मानना है कि यदि लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को पक्का कर दिया जाए, तो हजारों लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिल सकती है।
