मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
दलित-पिछड़ों की राजनीति कर रहे दलों की निगाहें खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, मंदसौर जिलों पर लगी है. दलित-पिछड़ों के साथ यहां मुस्लिम समुदाय की संख्या अच्छी खासी होने से इन दलों को यह क्षेत्र सीयासी तौर पर उपजाऊ नजर आ रहा है. गत निकाय चुनावों में तीसरे विकल्प के तौर पर कुछ सफलता एआईएमआईएम को मिली थी तो कई जगह अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला था. इससे उत्साहित हो इन क्षेत्रों में विगत कुछ समय से बसपा और भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी है. भीम आर्मी पार्टी का सदस्यता अभियान, गाँव-गाँव चलो, घर-घर चलो अभियान की तैयारी में लगी है. इसके साथ बसपा भी गांव-गांव में कार्यकर्ता मिलन समारोह व बैठक कर रही है.अंचल में भीम आर्मी की कमान संभाग महासचिव पर्वत राठौर ने सम्हाल रखी है. वहीं बसपा ने यह कार्य पार्टी के प्रमुख नेता संजय सोलंकी और नरेंद्र कन्चोले को सौंप रखा है. दोनों दलों के नेता जगह- जगह केडर प्रशिक्षण, सम्मेलन, रैलियों के माध्यम से लोगों को जोडऩे के लिए कड़ी मेहनत रहे हैं. इनका क्षेत्र में गुपचुप धीरे-धीरे पैर पसारना कांग्रेस-भाजपा के लिए आगे दिक्कत खड़ी कर सकता है.
अब महामंत्री के लिए जोर अजमाइश
शाजापुर जिले में इन दिनों भाजपा संगठन की जिला कार्यकारिणी में जगह पाने के लिए जोर अजमाइश चल रही है. रवि पांडे के जिलाध्यक्ष बनने के कारण इस पद से वंचित रहे दावेदार अब़ जिला महामंत्री बनने के लिए मशक्कत कर रहे हैं. देखने में आया है कि जिला भाजपा में अलग-अलग समाज से तीन महामंत्री बनाए जाते हैं. अब महामंत्री बनने के लिए कई दावेदार जुगाड़ में लगे हैं. अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस बार भी महामंत्री के पद पर राजपूत समाज, पिछड़ा और अजा वर्ग को मौका मिलेगा. यहां भाजपा में कई गुट हैं. भाजपा की नई कार्यकारिणी को लेकर भाजपा के हर गुट के लोगों को नए जिलाध्यक्ष के साथ काम करने के लिए पद मिलने की उम्मीद लगी हुई है. अब देखना है कि किस गुट की उम्मीद पूरी होती है और किस गुट को नाउम्मीद होना पड़ता है.
फिर चर्चा में मुल्लू राठौर
खंडवा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक लक्ष्मण राठौर नगरवासियों में मुल्लू राठौर के नाम से लोकप्रिय हैं. वे अपनी नाटकीय कार्यशैली के कारण सदा चर्चित रहते हैं. कुछ समय पूर्व उन्होंने नगर निगर परिसर में आयोजित पार्षदों की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुखौटा लगाकर अन्य लोगों के साथ बगैर किसी अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र लाउडस्पीकर का उपयोग किया और नगर निगम में अनुबंधित वाहन का चालान बनाने की मांग को लेकर हंगामा किया था. उनकी अनसुनी हुई तो महापौर की नंबर प्लेट की जगह बास लिखी गाड़ी को टारगेट बनाकर ट्रेफिक सूबेदार को ले आए, सूबेदार ने दबंगता से चालान बना दिया. हालांकि इसके बाद ट्रेफिक सूबेदार जांच का सामना कर रहे हैं और मुल्लू राठौर धारा 188 में दर्ज प्रकरण का. यह अभी चल ही रहा था कि उनका हंगामा फिर चर्चा मे रहा. इस बार मामला अतिक्रमण हटाने के विरोध में था. भाजपा के जिला कार्यालय के सामने वर्षों से चाय और चाट के ठेले लगे हुए थे. इन्हें एकाएक हटा दिया गया. अब नया मामला कुत्तों को लेकर सामने आया. निगम आयुक्त कार्यालय पर कुत्ते के काटे जाने पर चिंता जताने और आवारा कुत्तों को पकडऩे का अभियान चलाने की मांग को लेकर ज्ञापन देने मुल्लू राठौर पहुंचे थे. वे आयुक्त को ज्ञापन देना चाहते थे. उन्होंने उपायुक्त को भेज दिया. इससे नाराज मुल्लू राठौर गुस्से में ज्ञापन आयुक्त केबिन के दरवाजे पर फेंककर चले आए. इसके बाद फिर मुल्लू के कारनामों पर लोग चटखारे ले रहे हैं
