
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जल संसाधन विभाग में बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चिंताजनक स्तर तक पहुंच गया है।
पटवारी ने कहा कि विभागीय अधिकारियों ने गणना में हेरफेर, आधार महीनों का मनमाना चयन और सूचकांकों में बदलाव कर ठेकेदारों को 19.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान कराया, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ।
अनियमितताओं का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि सिंगरौली के रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना में 8.95 करोड़ रुपये, शहडोल की भन्नी माइक्रो परियोजना में 3.14 करोड़ रुपये, दमोह में ग्रैविटी बांध निर्माण में 2.46 करोड़ रुपये, डिंडोरी की मुरकी परियोजना में 2.27 करोड़ रुपये की वसूली नहीं हुई, जबकि सिवनी की तिलवाड़ा नहर परियोजना में 1.49 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
उन्होंने इन गड़बड़ियों को महज लापरवाही नहीं, बल्कि “सुनियोजित भ्रष्टाचार” करार दिया। पटवारी के अनुसार, ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर गलत आधार सूचकांक लागू किए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फलोदी कंस्ट्रक्शन और गुप्ता कंस्ट्रक्शन जैसी कुछ कंपनियां बार-बार बड़े टेंडर हासिल कर रही हैं, जिससे पक्षपात की आशंका बढ़ती है। साथ ही, विभागीय कार्यों में कुछ गैर-सरकारी व्यक्तियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कार्रवाई न होने पर चिंता जताई।
पन्ना जिले के एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए पटवारी ने 47 लाख रुपये के अनियमित भुगतान पर सरकार द्वारा नरम रुख अपनाने की आलोचना की।
कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच, दोषियों पर सख्त आपराधिक कार्रवाई, नुकसान की भरपाई और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
