इंदौर:पुलिस अब सिर्फ अपराधों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि मौके पर तेजी से पहुंचने की क्षमता को भी धार दे रही है. ज़ोन-4 के डीसीपी ने पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को परखने के लिए खुद कंट्रोल रूम से फर्जी इवेंट जनरेट कर एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसमें पुलिस टीमों की तत्परता और सतर्कता का इम्तिहान लिया जा रहा है.शुक्रवार को डीसीपी कार्यालय परिसर में ज़ोन-4 के विभिन्न थानों की एफआरवी (डायल-112) गाड़ियों का निरीक्षण किया.
इस दौरान डीसीपी आनंद कलादगी ने न सिर्फ वाहनों की तकनीकी स्थिति परखी, बल्कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की सक्रियता और प्रतिक्रिया समय का भी परीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान एफआरवी में लगे जीपीएस सिस्टम, वायरलेस सेट और अन्य उपकरणों की बारीकी से जांच की. डीसीपी ने वाहन चालकों और स्टाफ से सीधे संवाद कर तकनीकी खामियों और संचालन संबंधी समस्याओं की जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट किया कि डायल-112 पुलिस की पहली प्रतिक्रिया इकाई है, जो आपात स्थिति में सबसे पहले पीड़ित तक पहुंचती है, ऐसे में हर सेकंड बेहद अहम होता है.
बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को किया जाएगा प्रोत्साहित
डीसीपी ने बताया कि वे खुद समय-समय पर कंट्रोल रूम के माध्यम से रैंडम इवेंट जनरेट कर टीमों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि यह परखा जा सके कि सूचना मिलने के बाद पुलिस कितनी तेजी से मौके तक पहुंचती है. इस प्रक्रिया के जरिए न सिर्फ कमियों की पहचान हो रही है, बल्कि टीमों को मौके पर ही सुधार के निर्देश भी दिए जा रहे हैं. उन्होंने एफआरवी टीमों को ट्रैफिक के दबाव के बीच वैकल्पिक मार्गों के उपयोग, तुरंत निर्णय और समन्वय के गुर भी सिखाए. साथ ही साफ किया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
