
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा है कि जब अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान हैं तो दिव्यांगों के लिए प्रमोशन में आरक्षण के नियम क्यों नहीं बनाए गये है पिछले नौ सालों से सरकार इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने मामले में राज्य सरकार को स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिये है।
यह मामला जबलपुर निवासी सचिन कुमार यादव की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता समदर्शी तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 की धारा-34 के तहत पदोन्नति में आरक्षण दिया जाने का प्रावधान है। यह केन्द्र का अधिनियम है, इस पर प्रत्येक राज्य को नियम बनाने हैं। उन्होंने बताया कि मप्र सरकार ने 2017 में दिव्यांगों के लिए नियम बनाए, लेकिन उसमें प्रमोशन में आरक्षण को छोड़ दिया। दिव्यांग अधिकारी संगठन द्वारा लगातार पत्राचार के बावजूद पिछले नौ सालों से सरकार इस पर मौन है, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
