
सौसर। नेशनल हाईवे-547 को फोरलेन में परिवर्तित किए जाने की योजना का विरोध अब तेज होने लगा है। मंगलवार को बोरगांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के विरोध में नगर बंद का आह्वान किया, जिसे व्यापारियों और आमजन का व्यापक समर्थन मिला। मंगलवार को क्षेत्र में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण इस बात पर अड़े हैं कि हाईवे को गांव के बीच से ले जाने के बजाय बाईपास मार्ग से निकाला जाए।
व्यापारियों का स्वैच्छिक समर्थन-
सुबह से ही बोरगांव का बाजार पूरी तरह बंद दिखाई दिया। स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वेच्छा से बंद रखकर इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों का तर्क है कि यदि फोरलेन हाईवे गांव के घनी आबादी वाले हिस्से से गुजरता है, तो भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। साथ ही, स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन-
सफल बंद के बाद ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए हाईवे का निर्माण गांव के बाहर से किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में ग्रामीणों का कहना है कि घनी आबादी के बीच फोरलेन निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।गांव की सुरक्षा और शांति के लिए बाईपास मार्ग का चयन हो।प्रशासनिक स्तर पर सर्वे में जनभावनाओं का सम्मान किया जाए।
इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, व्यापारी, युवा और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे।
