
उज्जैन। 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेश की जेलों में आजीवन कारावास काट रहे 32 कैदियों को अच्छे आचरण के लिए समय पूर्व रिहाई मिलेगी। राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देशन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभूतपूर्व निर्णय लिया है कि 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर सजा काट रहे बंदियों को समय पूर्व रिहाई दी जाएगी। उज्जैन के भैरवगढ़ जेल के दो बंदियों को भी रिहा किया जाएगा। संपूर्ण प्रदेश से 32 बंदियों को रिहा किया जाएगा। इसमें 9 आदिवासी बंदी शामिल है। केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि मध्यप्रदेश में लिये गए निर्णय से अब प्रतिवर्ष 15 नवंबर पर आजीवन कारावास के बंदियों को शासन द्वारा समय पूर्व रिहा किए जाने की शुरुआत हुई है। इस निर्णय के साथ ही मप्र देश का पहला राज्य बना जहां वर्ष में 5 बार क्रमश: 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 02 अक्टूबर (गांधी जयंती), 14 अप्रैल (भीमराव अंबेडकर जयंती), 15 नवंबर (बिरसा मुण्डा जयंती) को सजा में छूट प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। आजीवन कारावास के कैदियों को उनके अच्छे आचरण को देखते हुए समय पूर्व रिहाई दी जाती है।
