बोगोटा, 24 मार्च (वार्ता) दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया के पुटुमायो प्रांत में सोमवार को वायुसेना का एक हरक्यूलिस सी-130 परिवहन विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में कम से कम 66 सैन्य कर्मियों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
स्थानीय मीडिया में वायुसेना के हवाले से यह जानकारी दी गयी है। इसमें यह भी कहा गया है कि इस दुर्घटना के शिकार हुए कई सैन्य कर्मियों को बचा भी लिया गया है और करीब दो दर्जन लोगों के बारे में अभी कुछ जानकारी नहीं मिल सकी है। यह लड़ाकू विमान नहीं है बल्कि यह एक मालवाहक विमान है जिसका उपयोग सैनिकों और साजोसामान की आवाजाही में किया जाता है।
वायुसेना कमांडर जनरल कार्लोस फर्नांडो सिल्वा रुएडा के अनुसार, विमान में सेना के 114 जवान और चालक दल के 11 सदस्यों सहित कुल 125 लोग सवार थे। यह विमान पेरू की सीमा के पास स्थित प्यूर्टो लेगुइज़ामो शहर के एक ग्रामीण इलाके से उड़ान भर रहा था, तभी यह हादसे का शिकार हो गया।
रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज़ ने घटना को “देश के लिए बेहद दुखद” बताते हुए कहा कि विमान गिरने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। आग के कारण विमान में रखा सुरक्षा बलों का गोला-बारूद भी फट गया, जिससे बचाव कार्य में अत्यधिक कठिनाई आई और हताहतों की संख्या बढ़ गई।
राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पर इस दुर्घटना को लेकर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस त्रासदी के लिए “नौकरशाही की बाधाओं” को जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण सशस्त्र बलों के साजो-सामान और पुराने विमानों के आधुनिकीकरण में देरी हो रही है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह भयानक दुर्घटना नहीं होनी चाहिए थी। मैं अब और देरी बर्दाश्त नहीं करूँगा, हमारे युवाओं की जान दांव पर लगी है।”
रक्षा मंत्री ने किसी भी आपराधिक हमले की आशंका से इनकार किया है। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह पड़ोसी देश बोलिविया में भी एक हरक्यूलिस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 20 लोगों की जान चली गई थी। कोलंबियाई वायुसेना के इतिहास में यह हाल के वर्षों की सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
