भोपाल: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को भोपाल में आयोजित बहुजन बौद्धिक शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के पालन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।इस कार्यक्रम में गुरदीप सिंह सप्पल, उदयन वाजपेयी, बादल सरोज, किरण अहिरवार सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सम्मेलन में संविधान के सिद्धांतों, सामाजिक न्याय, समानता तथा देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई।
अपने संबोधन में पटवारी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है।आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि छात्र नामांकन लगभग 1.5 करोड़ से घटकर करीब 1 करोड़ रह गया है, जिससे लगभग 50 लाख बच्चे शिक्षा से बाहर हो गए हैं। बजट में वृद्धि के बावजूद गुणवत्ता और पहुंच में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने ग्रामीण शिक्षा की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, जहां शिक्षा सुविधाएं कमजोर हैं। शिक्षकों पर बार-बार परीक्षा संबंधी कार्यभार डालने का भी उन्होंने विरोध किया।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय शिक्षक प्रशिक्षण की पहल से शिक्षा स्तर में सुधार हुआ था।
पटवारी ने सरकार पर संवैधानिक जवाबदेही कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं हो सकता।
