इंदौर: इंदौर से हैदराबाद को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क में मध्यप्रदेश का 180 किलोमीटर का हिस्सा 80 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो गया है. इसमें इंदौर के बलवाड़ा 33 किलोमीटर का का काम दिसंबर तक पूरा होने का दावा एनएचएआई ने किया है. 33 किलोमीटर लंबे मार्ग में तीन टनल का निर्माण कार्य चल रहा है और अगले दो महिनों में टनल का काम खत्म हो जाएगा. मगर जलगांव से हैदराबाद को जोड़ने वाली सड़क का काम पूरा होने में चालू साल भी पूरा लग जाएगा.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इन्दौर-इच्छापुर कॉरिडोर सड़क योजना के तहत इन्दौर-खण्डवा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-347बीजी) के तेजाजीनगर से बलवाड़ा (कुल लम्बाई 33.40 किमी) का 4-लेन निर्माण कार्य चल रहा है. बलवाड़ा से आगे धनबाद 48 किलोमीटर सेक्शन का काम भी चल रहा है. धनबाद से आगे कुछ हिस्से को छोड़कर सड़क निर्माण कार्य पूरा हो गया है और उस पर टोल भी शुरू हो गया है. उक्त सड़क योजना इन्दौर-हैदराबाद कॉरिडोर की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो इन्दौर को महाराष्ट्र से जोड़ती है.
पूर्व में यह मार्ग केवल 2-लेन होने के कारण भारी यातायात दबाव, बार-बार जाम की स्थिति तथा घाट सेक्शन में अवांछित दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ था. उक्त सड़क पर समस्याओं के स्थाई निराकरण हेतु एनएचएआई द्वारा तेजाजीनगर से बलवाड़ा तक कुल 33.40 किमी लम्बाई के 4-लेन मार्ग का निर्माण किया जा रहा है. सड़क में घाट सेक्शन को खत्म कर सड़क क्षेत्रीय छोटे शहरों और कस्बों से कनेक्टिविटी मिल जाएगी. उक्त 4 लेन सड़क से इन्दौर से ओंकारेश्वर, खण्डवा, बुरहानपुर तथा जलगांव (महाराष्ट्र) की ओर जाने आने में सुविधा मिलेगी. साथ ही स्थानीय व्यापार, कृषि परिवहन, पर्यटन एवं औद्योगिक गतिविधि के साथ आर्थिक विकास को गति मिलेगी.
इंदौर इच्छापुर सड़क योजना के प्रमुख निर्माण कार्य
परियोजना के अंतर्गत आधुनिक इंजीनियरिंग द्वारा महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जो सड़क की क्षमता, सुरक्षा और यातायात के सुचारु संचालन करने में सहायक होंगे. इनमें प्रमुख रूप से 1 मेजर ब्रिज, 1 रेलवे ओवर ब्रिज, 2 वायाडक्ट, 1 व्हीकल ओवर पास, 4 व्हीकल अंडर पास, 1 लाइट व्हीकल अंडर पास, 6 स्मॉल व्हीकल अंडर पास, 14 माइनर ब्रिज, 3 माइनर ब्रिज कम वायाडक्ट, 22 बॉक्स कल्वर्ट तथा 11 पाइप कल्वर्ट का निर्माण शामिल है.
टनल निर्माण में आधुनिक ऑस्ट्रेलियन तकनीक का इस्तेमाल
टनल निर्माण में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ब्लास्टिंग तकनीक के माध्यम से तीन टनलों का निर्माण कार्य चल रहा है. एनएचएआई द्वारा अगले दो महिनों में काम पूरा होने का दावा किया गया है. तीन टनलों में भेरूघाट टनल (लम्बाई 575 मीटर), बाईग्राम टनल (लम्बाई 480 मीटर) तथा चौरल घाट टनल (लम्बाई 550 मीटर) शामिल हैं. उक्त टनलों 16 मीटर और 9 मीटर चौड़ी होने के साथ तीन तीन लेन की बनाई जा रही है. मतलब यह है कि सड़क 4 लेन होगी और टनल 6 लेन भाविश को ध्यान में रखकर निर्मित की जा रही है. टनल निर्माण के बाद भेरूघाट एवं चौरल घाट के ब्लैक स्पॉट्स पर होने वाली दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी। परियोजना पूरी होने से यात्रा समय में कमी आएगी, ईंधन की बचत तथा यातायात जाम की समस्या से निजात मिलेगी. यह बात अलग है कि एनएचएआई ने पहले भी कई दावे किए है कि छह महीने में काम पूरा हो जाएगा. अभी नौ महीने का समय और बताया जा रहा है.
सड़क निर्माण की डेड लाइन जनवरी 25 थी
इंदौर इच्छापुर सड़क योजना जनवरी 2023 में शुरू हुई थी. इसके निर्माण का ठेका मेघा इंजीनियरिंग हैदराबाद को दिया गया है. सड़क निर्माण कार्य जनवरी 2025 में पूरा करने की डेड लाइन थी, जो जनवरी 2026 में भी सड़क पूरी नहीं हो सकी. अब एनएचएआई के अधिकारी दिसंबर 26 तक पूरा होने और आवागमन शुरू करने की बात कह रहे है.
दो धार्मिक नगरी को जोड़ने की मुख्य कड़ी है 4 लेन सड़क
इंदौर-खंडवा-ओंकारेश्वर मार्ग न केवल दो शहरों और तीर्थ स्थलों को जोड़ता है, बल्कि धार्मिक पर्यटन, आपातकालीन सेवाओं, यात्री प्रबंधन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. इन्दौर के समीप देश के दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग- महाकालेश्वर (उज्जैन) एवं ओंकारेश्वर (खण्डवा)- स्थित हैं. सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन हेतु आने की संभावना है. यह सड़क सिंहस्थ में भारी यातायात को सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन में अहम भूमिका निभाएगी.
नर्मदा नदी के ब्रिज का सौंदर्यीकरण जुलाई तक
नर्मदा नदी पर एनएचएआई द्वारा दो लेन आने और दो लेन जाने का ब्रिज बनाया जा रहा है. उक्त ब्रिज के एक तरफ का हिस्सा बन चुका है और दूसरे तरफ के हिस्से को अगले दो महिनों में पूरा करने का बताया गया है. एनएचएआई द्वारा निर्मित नए नर्मदा पुल पर सौंदर्यीकरण कार्य भी होगा.
माह अंत तक एजेंसी तयः सिंह
मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि सौदार्यीकरण के लिए माह अंत तक एजेंसी तय हो जाएगी. नर्मदा पुल पर सौंदर्यीकरण हेतु 20 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है. ब्रिज पर आधुनिक आकर्षक विद्युत साजसज्जा और विशेष एलईडी फ्लैश लाइट को लगाया जाएगा. ब्रिज से गुजरने पर नर्मदा मां का अद्भुत दृश्य निहारकर जनता अभिभूत हो.
