दक्षिण कोरिया में असंवैधानिक तरीके से मार्शल लॉ लगाने वाले पूर्व राष्ट्रपति यून को आजीवन कारावास की सजा

सोल, 19 फरवरी (वार्ता) दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल (65) को सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी पाते हुए गुरुवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह सजा दिसंबर 2024 में उनके मार्शल लॉ लगाने के विवादित प्रयास के दोषी ठहराने के बाद सुनायी गई है। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने मौत की सजा की मांग की थी। लेकिन अदालत ने इसे ठुकरा दिया। इससे पहले जनवरी में अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया था कि यून का आपातकालीन मार्शल लॉ लगाने का फैसला असंवैधानिक और नेशनल असेंबली, चुनाव आयोग के कामकाज को बाधित करने वाला था। यह कदम वास्तव में उदार लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास था।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरियाई कानून के तहत विद्रोह की साजिश रचने के लिए अधिकतम सजा मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान है। यून के वकील ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए दलील दी कि मार्शल लॉ घोषित करने का राष्ट्रपति का अधिकार था और उनका उद्देश्य सरकार के कामकाज में विपक्षी दलों की ओर से डाली जा रही बाधाओं के प्रति आगाह करना था।वर्तमान में सोल डिटेंशन सेंटर में बंद यून इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। उन्हें जनवरी में एक अन्य मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए बाधाएं उत्पन्न करने के आरोप में पांच साल की सजा पहले ही मिल चुकी है। यून का मार्शल लॉ लगाने का प्रयास केवल छह घंटे चला था, जिसे संसद ने तुरंत खारिज कर दिया और जनता ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। जून में यून के हटने के बाद हुए मध्यावधि चुनाव में जीत हासिल करने वाले उदारवादी राष्ट्रपति ली जे म्योंग ने मार्शल लॉ को विफल करने के लिए जनता के साहस की सराहना की थी।

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