भिंड: भिंड में भगवाधारी साधुओं से धर्म पूछकर मारपीट का मामला सामने आया है. शिकायत न होने के बावजूद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है.हालांकि, अब तक पीड़ित साधुओं की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.जानकारी के अनुसार, दो साधु भिक्षा मांगते हुए भिंड शहर के बायपास क्षेत्र से गुजर रहे थे. इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया. पहले तो उनसे सामान्य बातचीत की गई, लेकिन थोड़ी ही देर में सवाल-जवाब का तरीका आक्रामक हो गया. युवकों ने साधुओं से उनकी धार्मिक पहचान को लेकर पूछताछ शुरू कर दी.
आरोप है कि युवकों ने साधुओं से पहले हिंदू होने का प्रमाण मांगा. इसके बाद महाभारत और रामायण से जुड़े सवाल पूछे गए. महाभारत के पात्रों के नाम, रामायण की चौपाइयों और भगवान शिव की पत्नी सहित लक्ष्मण की पत्नी के नाम तक पूछे गए.साधु इन सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. इसी बात पर युवक भड़क गए और उन्हें “हिंदू नहीं” बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाने लगे. साधुओं के साथ मारपीट की गई. एक युवक ने साधु के बाल पकड़कर खींचे. साथ ही गाली-गलौज भी की. दुखद बात यह रही कि मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की.
उर्दू में लिखे दस्तावेजों को लेकर विवाद
एक आरोपी युवक ने यह दावा किया है कि साधुओं के पास जो दस्तावेज मिले, वे उर्दू भाषा में लिखे हुए थे. युवक सवाल उठाता है कि अगर साधु हिंदू हैं और भगवा वस्त्र धारण किए हुए हैं, तो उनके पास उर्दू में लिखे कागज क्यों हैं. युवक ने यह भी कहा है कि साधुओं के बैग में कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री मिली है और भगवा पहनकर ढोंग किया जा रहा है.
डरे-सहमे नजर आए साधु
घटना के बाद साधु काफी डरे हुए दिखाई दिए. इसके बावजूद उन्होंने अब तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है.
पुलिस का साफ कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. धार्मिक पहचान के आधार पर किसी से पूछताछ करना और मारपीट करना गंभीर अपराध है.
पुलिस ने वायरल वीडियो को जब्त कर लिया है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है. यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और विश्वास के लिए भी एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है
