गुवाहाटी, 22 नवंबर (वार्ता) असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आने वाले राज्य के विधानसभा चुनावों में 126 विधानसभा सीटों में से 103 पर चुनाव लड़ेगी और शेष सीटें उसके सहयोगी दलों को दी जायेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा आने वाले विधानसभा चुनावों में 126 विधानसभा सीटों में से 103 पर चुनाव लड़ेगी, जबकि असम गण परिषद और अन्य सहयोगी दल बाकी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी अच्छी बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। श्री सरमा ने कहा कि पार्टी ने हमेशा युवा और महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने पर ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा, “हालांकि, इस बार युवा और महिला उम्मीदवारों के लिए मौके अच्छे हैं क्योंकि डिलिमिटेशन के बाद 10 से 15 नए चुनाव क्षेत्र बन गए हैं। हमें किसी को भी टिकट से वंचित नहीं करना है। ये नए चुनाव क्षेत्र हैं और हम किसी को भी वंचित किए बिना उम्मीदवारों को टिकट देने जा रहे हैं।”
एक सवाल के जवाब में उन्होंने इससे से इनकार किया है कि कुछ आदिवासी समुदायों के बीच आंदोलन से असम में आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावना पर असर नहीं पड़ेगा और कहा कि पार्टी को सभी समुदायों का समर्थन हासिल है। श्री सरमा ने हाल ही में गुवाहाटी में पार्टी कोर कमेटी की मीटिंग से बाहर आने के बाद पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी समुदायों का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “हम समुदायों से अलग नहीं हैं। हमारे पास सभी समुदायों के सदस्य हैं और हम कुछ समुदायों द्वारा अपनी जायज़ मांगों के लिए किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का भी हिस्सा हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर आप इन विरोध प्रदर्शनों को देखें, तो 90 प्रतिशत प्रदर्शनकारी वे लोग हैं जिन्होंने भाजपा को वोट दिया है। हम इन मांगों का समर्थन करते हैं और आप इन विरोध प्रदर्शनों में भाजपा सदस्यों को बैठे हुए देखेंगे।” मुख्यमंत्री का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि मोरन, मटक, ताई अहोम, चुटिया, कोच राजबोंगशी और चाय जनजाति के छह समुदाय हाल ही में राज्य भर में अपना आंदोलन तेज़ कर रहे हैं और सरकार से उन्हें अनुसूचित जनजाति (अजा) का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। अगले साल की शुरुआत में राज्य में चुनाव होने से पहले अजा का दर्जा देने की मांग को लेकर ऊपरी असम और निचले असम जिलों में बड़ी रैलियां की गई हैं।
