जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्रिी में चार्जमैन (टेक्निकल एवं नॉन-टेक्निकल) पद के लिए आयोजित लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पटेटिव एगजाम (एलडीसीई) को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) जबलपुर के पूर्व आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि चयन परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई थी।
जबलपुर निवासी मुकेश कुमार मिश्रा एवं अन्य ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि परीक्षा के दौरान व्हाट्सएप पर प्रसारित उत्तर कुंजी के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक किया गया था। मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि यह दस्तावेज परीक्षा के लगभग 20 दिन बाद और आधिकारिक उत्तर कुंजी जारी होने के बाद व्हाट्सएप पर प्रसारित किया गया था। ऐसे में इसे प्रश्नपत्र लीक होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उस तथाकथित दस्तावेज में किसी विषय, प्रश्नपत्र सेट अथवा उत्तरों को डिकोड करने की कोई स्पष्ट पद्धति नहीं बताई गई थी, जिससे इसकी विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाती है।
फैक्टरीज द्वारा गठित जांच समिति ने भी अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में परीक्षा में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा प्रश्नपत्र लीक होने के कोई प्रमाण नहीं पाए। ऑॢडनेंस फैक्टरीज एलडीसीई परीक्षा 26 फरवरी 2023 से 3 मार्च 2023 तक कुल 998 रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित की गई थी। ये रिक्तियां 42 विभिन्न इकाइयों-कारखानों में चार्जमैन (तकनीकी और गैर-तकनीकी) के पद से संबंधित थीं। वीकल फैक्टरी जबलपुर (व्हीएफजे) द्वारा कुल 32 रिक्तियों की अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें इन याचिकाकर्ताओं सहित 741 उम्मीदवारों ने परीक्षा में भाग लिया था।
