नई दिल्ली: देश में एलपीजी गैस की संभावित कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण व्यवस्था में बदलाव करते हुए सख्त कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
जारी निर्देशों के अनुसार अब निजी रिफाइनरियां अपनी एलपीजी आपूर्ति केवल सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को ही देंगी। ये कंपनियां डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के माध्यम से गैस सिलेंडर केवल घरेलू ग्राहकों को उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि गैस की बुकिंग उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर से ही की जाएगी।
सरकार ने फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत एक मोबाइल नंबर पर महीने में केवल एक घरेलू सिलेंडर देने की सीमा तय की है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.एस. शर्मा ने बताया कि मंत्रालय का यह सर्कुलर देश भर की गैस एजेंसियों को भेज दिया गया है और इसके अनुसार आपूर्ति व्यवस्था लागू की जा रही है।
कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति रुकने का सबसे अधिक असर होटल, रेस्तरां और छोटे खाद्य व्यवसायों पर पड़ने की आशंका है। मौजूदा स्टॉक समाप्त होने के बाद इन प्रतिष्ठानों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश करनी पड़ सकती है।गैस आपूर्ति में संभावित संकट की पृष्ठभूमि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से भी जुड़ी बताई जा रही है। हाल ही में ईरान के ड्रोन हमलों के बाद दुनिया के सबसे बड़े गैस संयंत्र ‘रस लफान’ को बंद करना पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग आधा हिस्सा कतर से आयात करता है। ऐसे में आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय भंडारों से गैस खरीदने के विकल्प तलाश रही है।
