काठमांडू, 05 मार्च (वार्ता) नेपाल में चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि आम चुनावों में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ है।
कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त रामप्रसाद भंडारी ने चुनाव समाप्ति के बाद मीडिया से कहा कि विशिष्ट परिस्थितियों में घोषित इस चुनाव को निर्धारित तिथि पर उत्साहजनक रूप से संपन्न कराना अपने आप में चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा कि देशभर से प्राप्त प्रारंभिक विवरणों के अनुसार, करीब 60 प्रतिशत मतदान हुआ है।
गौरतलब है कि नेपाल में पिछले साल जेन-जी के आंदोलन के कारण व्यापक हिंसा भड़क उठी थी और तत्कालीन सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था।
श्री भंडारी ने अंतिम आंकड़ों के संबंध में कहा, “इसका विस्तृत विवरण संकलन करने का कार्य जारी है।” आयोग ने बताया कि गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
उल्लेखनीय है कि नेपाल में प्रत्यक्ष और समानुपातिक दोनों विधियों से सांसदों का चुनाव हुआ। 165 सीटों के लिए प्रत्यक्ष मतदान प्रक्रिया का पालन हुआ, जबकि 110 सीटों के लिए समानुपातिक विधि अपनाई गयी।
प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली में 65 राजनीतिक दल 61 चुनाव चिह्नों पर चुनाव लड़ रहे हैं तथा इसके तहत 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 3,017 पुरुष और 388 महिलाएं हैं, जबकि एक अन्य श्रेणी का उम्मीदवार शामिल हैं। आनुपातिक चुनाव प्रणाली में 3,135 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,363 पुरुष और 1,772 महिलाएं शामिल हैं।
इस चुनाव में 1.89 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 90 लाख से ज्यादा पुरुष और 92 लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। चुनाव में 1.86 लाख अनंतिम मतदाता भी हैं।
इस चुनाव में 1.89 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 90 लाख से ज्यादा पुरुष और 92 लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। चुनाव में 1.86 लाख अनंतिम मतदाता भी हैं।
इस चुनाव के लिए देशभर में 10,967 मतदान केंद्रों में 23,112 मतदान बुथ स्थापित किए गए थे। 143 अस्थायी मतदान केंद्र भी बनाए गए थे। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विकलांग व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को सुगम मतदान के लिए प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गयी थी।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए नेपाल की सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के लगभग 1.5 लाख जवानों को तैनात किया गया था।
इस चुनाव को पूर्व रैपर बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नई ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (आरएसपी) और केपी शर्मा ओली की सीपीएन-यूएमएल और गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री पद के तीनों दावेदार भारत की सीमा से लगे तराई क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। केपी शर्मा ओली और बालेंद्र शाह झापा-5 सीट पर आमने-सामने हैं, जबकि नेपाली कांग्रेस के गगन थापा ने अपने पुराने निर्वाचन क्षेत्र काठमांडू के बजाय दक्षिणी कृषि बेल्ट सर्लाही से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने चुनाव ख़त्म होने के बाद बीबीसी न्यूज़ नेपाली से कहा, “देखते हैं कि किस तरह की सरकार बनती है, गठबंधन की सरकार होगी या एक पार्टी की।”
श्रीमती कार्की ने चुनाव संपन्न होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हम जल्दी सत्ता सौंपने की कोशिश करेंगे क्योंकि युवाओं को नई सरकार से बहुत उम्मीदें हैं।”
इससे पहले दिन में श्रीमती कार्की ने काठमांडू के चुनाव क्षेत्र-5 में धापासी निम्न माध्यमिक विद्यालय फियामलचुली के मतदान केन्द्र पर मत डाला। मतदान के बाद पत्रकारों द्वारा अपने नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “मैंने अपना कर्तव्य पूरा किया है। देश में चुनाव हो रहे हैं और मैं बहुत खुश हूं।”
नेपाल में पिछले साल बड़े विरोध और हिंसा के बाद सितंबर में सुशीला कार्की की अंतरिम सरकार बनी थी और छह महीने में चुनाव कराने का आदेश दिया गया था।
