नयी दिल्ली, 08 जून (वार्ता) दिल्ली प्रो वॉलीबॉल लीग (डीपीवीएल) ने रविवार को अपने फेज 2 ट्रायल्स का सफलतापूर्वक समापन किया। इन ट्रायल्स में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। इतनी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी लीग के टैलेंट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय विश्वास और रुचि को दर्शाती है। खिलाड़ियों का इतना उत्साह, प्रतिस्पर्धात्मक रवैया और खेल कौशल यह साबित करता है कि भारत के वॉलीबॉल इकोसिस्टम में अपार प्रतिभा मौजूद है, जो सही मंच न होने की वजह से बाहर नहीं आ पा रही है।
ट्रायल्स के दौरान दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन के सीईओ कुलदीप वत्स तथा दिल्ली वॉलीबॉल एसोसिएशन के सभी सदस्य मौजूद रहे। ट्रायल्स के बाद डीपीवीएल की संस्थापक नीति रावत ने कहा, “जिसकी शुरुआत सिर्फ एक विजन के रूप में हुई थी, वह अब धीरे-धीरे वास्तविकता का रूप ले रही है। हर ट्रायल, हर खिलाड़ी और इस यात्रा से जुड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ डीपीवीएल केवल एक लीग नहीं, बल्कि वॉलीबॉल के लिए एक आंदोलन खड़ा कर रही है।”
सभी गणमान्य लोगों ने भी ट्रायल्स की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए प्रतिभाओं की पहचान एवं विकास के लिए डीपीवीएल द्वारा अपनाई गई सुव्यवस्थित और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की।
उन्होंने खिलाड़ियों के लिए एक स्थायी और प्रभावी मंच तैयार करने के डीपीवीएल के प्रयासों की प्रशंसा की और माना कि लीग अभी से ही वॉलीबॉल समुदाय में सकारात्मक प्रभाव छोड़ रही है। साथ उन्होंने विश्वास जताया कि डीपीवीएल जैसी पहल आने वाले वर्षों में खेल के जमीनी स्तर और पेशेवर ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फेज 2 के सफल समापन के बाद अब लीग प्रबंधन फेज 3 ट्रायल्स की तैयारियों में जुट गया है। पहले दो चरणों में मिले शानदार समर्थन ने डीपीवीएल की इस प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। जैसे-जैसे डीपीवीएल अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है, लीग का मुख्य उद्देश्य वॉलीबॉल के स्तर को ऊंचा उठाना और अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों का निर्माण करना बना हुआ है।

