सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर ठोस कदम उठाए – रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली, 02 मार्च (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर ठोस कदम उठाए हैं और आज समर्पित की गई चारों योजनाओं का मूल उद्देश्य नारी की गरिमा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना है।

श्रीमती गुप्ता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ महिला सशक्तिकरण की चार महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ करने के बाद कहा कि यह केवल योजनाओं का शुभारंभ नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और विश्वास के विस्तार का सशक्त संकल्प है। जब बेटी सशक्त होती है तो परिवार सशक्त होता है, जब महिला आत्मनिर्भर बनती है तो समाज आत्मविश्वासी बनता है और जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो विकसित दिल्ली का मार्ग और स्पष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन दिल्ली के इतिहास में ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज होगा, क्योंकि यह मंच बेटी के जन्म से लेकर उसे आत्मनिर्भर बनाने तक की पूरी यात्रा को सम्मान देने का पर्व है। उन्होंने राष्ट्रपति की उपस्थिति को देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष, सादगी और साहस यह संदेश देता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘नारी शक्ति वंदन’ के मंत्र से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर ठोस कदम उठाए हैं और आज समर्पित की गई चारों योजनाओं का मूल उद्देश्य नारी की गरिमा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ के अंतर्गत लंबे समय से लंबित लाडली योजना की राशि को लाभार्थी बेटियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रपति की उपस्थिति में 40,000 से अधिक बेटियों के खातों में 100 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई। उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था में लाभार्थियों को अपने बकाया का पता ही नहीं चलता था, इसलिए नई ‘लखपति बिटिया योजना’ को अधिक मजबूत, भविष्य उन्मुख, पूर्णतः डिजिटल और फेसलेस प्रणाली के साथ लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर स्नातक तक चरणबद्ध तरीके से कुल 61,000 रुपये सरकार द्वारा जमा किए जाएंगे, जो ब्याज सहित परिपक्व होकर लगभग सवा लाख रुपये हो जाएंगे। इस योजना के लिए बजट में 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रही बालिकाओं को भी इसमें शामिल कर सरकार उनकी अभिभावक की भूमिका निभाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य दिल्ली की कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे और ‘ड्रॉपआउट’ शब्द समाप्त हो।

महिलाओं की सुरक्षित और सम्मानजनक आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को केवल यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि ‘डिग्निटी कार्ड’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री जी के ‘वन नेशन, वन कार्ड’ विजन के अनुरूप है और डीटीसी बसों के साथ अन्य सार्वजनिक परिवहन माध्यमों में भी उपयोगी होगा। इससे महिलाओं को स्वतंत्रता, सुरक्षा और रोजगार और शिक्षा के अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी। साथ ही, व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि रसोई में भी सम्मान और राहत सुनिश्चित करने के लिए होली और दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर देने के वादे को पूरा करते हुए आज ही पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि डीबीटी की गई, जिससे महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा। योजना के तहत लगभग 130 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के खातों में भेजी गई है।

उन्होंने महिला सशक्तिकरण को जन्म से सुरक्षा, शिक्षा में निवेश, यात्रा में स्वतंत्रता और घरेलू जीवन में राहत के समग्र ढांचे के रूप में बताते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण अब केवल नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प बन चुका है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की कार्यबल, इनोवेशन और आर्थिक गतिविधियों में समान भागीदारी आवश्यक है। आज पंचायत से संसद तक महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है और दिल्ली की बेटियां उत्कृष्टता को नई परिभाषा दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ‘सशक्त नारी से समृद्ध दिल्ली’ और ‘समृद्ध दिल्ली से विकसित भारत’ का मार्ग प्रशस्त होगा।

इस अवसर पर उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने कहा कि यह कार्यक्रम दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। आज शुरू की गई इन योजनाओं का सीधा लाभ राजधानी की लाखों महिलाओं को मिलेगा। आज शुरू की गई पहलों से न केवल महिलाएं, बल्कि उनके परिवार भी सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण आवश्यक है और ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ इसका सशक्त उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दिल्ली सरकार को बधाई दी और इसे बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की आधारशिला बताया।

उपराज्यपाल ने कहा कि सशक्तिकरण केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समान अवसर, सुरक्षा, सम्मान और सामुदायिक सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते दिल्ली की जिम्मेदारी है कि वह पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करे।

Next Post

कनाडा से जो समझौता हुआ, अमेरिका के साथ इसी तरह के समझौते का भाजपा ने किया था विरोध : कांग्रेस

Mon Mar 2 , 2026
नीय दिल्ली, 02 मार्च (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि यूरेनियम आपूर्ति और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) सहयोग का जो समझौता मोदी सरकार ने कनाडा के साथ किया है 2008 में अमेरिका के साथ इसी तरह के समझौते का भाजपा ने कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी […]

You May Like

मनोरंजन