जबलपुर: फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनावने के मामले में कोलकाता से दबोचे गए पांचों अफगानियों की बुधवार को रिमांड खत्म होने पर एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से पांचों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। रिमांड के दौरान एटीएस ने आरोपियों से फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज जब्त करने के साथ लंबी पूछताछ की। पासपोर्ट बनवाने से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन, पोस्ट ऑफिस से पासपोर्ट हासिल करवाने, मददगारों समेत अन्य बिन्दुओं पर पूछताछ की जिसमें अफगानियों ने नए राज भी उगले।
जिस पर एटीएस की आगे की तफ्तीश जारी है और इस मामले में कई संदेह के दायरे मेेंं आ गए है।विदित हो कि एटीएस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर अवैध रूप से जबलपुर में रह रहे घुसपैठियों पर 31 जुलाई 2025 में एक्शन लेते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया था।अफगानी नागरिक सोहबत खान पिता बदरुद्दीन खान, मोहम्मद अकबर 53 वर्षीय, इकबाल पिता असलम खान 27 वर्ष समेत जाली दस्तावेजों को बनवाने में मदद करने वाले चंदन सिंह ठाकुर पिता अमर सिंह ठाकुर निवासी शंकर शाह नगर रामपुर छापर समेत दिनेश गर्ग पिता श्रवण कुमार गर्ग, 40 वर्ष विजय नगर, महेंद्र कुमार निवासी कटंगा को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद एटीएस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो पता चला कि अफगानी रजा खान, सुल्तान, जिया उल रहमान, सैयद मोहम्मद, जफर खान भी कई साल पहले फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत आए थे।
इसके बाद कोलकाता में बस गए थे और वहां पर सूदखोरी का धंधा कर रहे थे इसके बाद एटीएस ने कोलकाता से इन्हें भी दबोचा और सभी को शहर लाने के बाद 22 फरवरी को को कोर्ट में पेश कर 25 फरवरी तक रिमांड में लिया था। सूत्रों की माने तो पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि सोहबत ने इनके जाली दस्तावेज, फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। इसके एवज में ढाई-ढाई लाख रूपए प्रत्येक से लिए थे । सभी के दमोह स्थित पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट बनवाये थे। इसके साथ ही पूछताछ में पांचों आरोपियों ने अन्य राज भी उगलें जिसकी जांच जारी है। वहीं रिमांड खत्म होने पर पांचों अफगानियों को बुधवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से सभी को कोर्ट ने जेल भेज दिया है।
