सतना :शहर के भीड़-भाड़ भरे रिहायशी इलाकों में तकरीबन सैकड़ा भर ऐसे स्थान होंगे जहां पर अग्रि दुर्घटना के लिए खासे संवेदनशील माने जाने वाले सामान का भरपूर स्टॉक बना रहता है. जहां पर गाहे-बगाहे अग्रि दुर्घटना भी सामने आती रहती है. लेकिन यह सब जानते-समझते हुए भी ननि द्वारा महज नोटिस जारी कर औपचारिकता निभा ली जाती है. इसी कड़ी में में शहर के रिहायशी इलाके में स्थित एक लकड़ी की टाल और एक रुई के गोदाम में भीषण आग लगने की घटना सामने आ गई.
बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात शहर के सेमरिया चौक के निकट रिहायशी इलाके में स्थित एक लकड़ी की टाल में आग लगने की सूचना ननि के दमकल विभाग को मिली थी. जिसके आधार पर दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए और दमकल की मदद से आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरु कर दिया. कुछ देर तक कड़ी मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पा लिया गया. यह तो गनीमत रहीं कि समय रहते दमकल कर्मियों ने अपना काम शुरु कर दिया और आग लकड़ी की टाल से आगे नहीं बढ़ सकी. अन्यथा उक्त टाल में लकड़ी का इतना स्टॉक था कि आग फैलने से गंभीर क्षति सामने आ सकती थी. टाल के एक हिस्से में रखी लकड़ी को ही आग प्रभावित कर पाई.
इसी तरह की दूसरी घटना गुरुवार भोर में शहर के नजीराबाद क्षेत्र में स्थित एक रुई के गोदाम में भीषण आग लगने की सामने आई. जिसकी सूचना पाकर दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए और कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाने के प्रयास शुरु कर दिए गए. आधा दर्जन दमकल वाहन काफी देर तक चक्कर लगाते रहे. काफी देर तक कड़ी मशक्कत के चलते आग पर धीरे धीरे काबू पा लिया गया. गोदाम संचालक के अनुसार गोदाम में लगभग 8 लाख रु का सामान रखा हुआ था जो जलकर खाक हो गया.
फिर जारी होगी नोटिस
लकड़ी की टाल और रुई गोदाम में लगी आग के मामले में प्रथम दृष्ट्या शार्ट सर्किट को कारण बताया जा रहा है. इस मामले की जांच ननि की फायर शाखा द्वारा की जाएगी. जिसके आधार पर नोटिस जारी करते हुए संबंधित संचालकों से अर्थदण्ड वसूलने की कवायद की जाएगी. यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से यूं ही बदस्तूर जारी है. रिहायशी क्षेत्रों में अवैध माने जाने वाले गोदाम बिना किसी फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र के संचालित होते आ रहे हैं. लेकिन हर दुर्घटना के बाद ननि द्वारा एक और नोटिस जारी करते हुए अपनी औपचारिकता पूरी कर ली जा रही है
