
खिलचीपुर/ब्यावरा। स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर आये दिन वाद-विवाद केे मामले सामने आ रहे है. ताजा घटनाक्रम में गुरुवार को खिलचीपुर स्थित गायत्री कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने की बात पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जब बिना किसी पूर्व सूचना एवं सहमति के ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा स्मार्ट मीटर लगाना चाहा.
तीन युवकों ने बिना सहमति मीटर बदलने का प्रयास किया तो विरोध हुआ. युवकों ने घरो के विडियों बनाना शुरु कर दिया. जिसके बाद मामला और गर्मा गया. खिलचीपुर की गायत्री कॉलोनी में गुरुवार दोपहर स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद के हालात बन गये. बिना कोई पूर्व जानकारी के ठेकेदार के कर्मचारी मीटर बदलने आ गये. जब कॉलोनीवासियों ने इसका विरोध किया और कर्मचारियों को वापस लौटने के लिए कहा तो विवाद की स्थिति बन गई.
सहमति लिए बिना मीटर बदलने का प्रयास
मामला गुरुवार की दोपहर लगभग 12 बजे का बताया जाता है. कॉलोनी में ठेकेदार के तीन कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे. उनके द्वारा पुराने मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास किया गया. रहवासियों ने जब बिना किसी पूर्व सूचना के स्मार्ट मीटर लगाने की वजह और इस संबंध में अधिकृत तौर पर आदेश बताने को कहा तो कर्मचारी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके.
विडियों बनाने से मामला और बिगड़ा
जानकारी के अनुसार जब रहवासियों ने स्मार्ट मीटर लगाने पर आपत्ति जताई तो कर्मचारी मोबाईल से कुछ घरों के वीडियो बनाने लगे, यह देख लोगों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह किसी के घर की विडियों रिकार्डिंग करना गलत और अनुचित है.
एकजुट हुए रहवासी
बिना किसी पूर्व सूचना एवं किसी अधिकृत आदेश के स्मार्ट मीटर लगाना कहां तक उचित है, रहवासियों का कहना है कि बिना कोई पूर्व सूचना के इस तरह स्मार्ट मीटर लगाया जाना कहां तक उचित है. उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना और सहमति के स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना है. किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उपभोक्ताओं को विश्वास में लेना आवश्यक है. इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई से जब चर्चा की गई तो उनका कहना था कि मैं अभी बाहर हूं, मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है, मैं आकर इस मामले को दिखवाता हूं.
बिना मीटर लगाए लौटना पड़ा
मामले को बढ़ता देख कर्मचारियों ने मोबाईल पर विद्युत विभाग के अधिकारियों, ठेकेदार की लोगों से बात कराई, बावजूद इसके उन्हें बिना मीटर लगाए लौटना पड़ा. लोगों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं है, लेकिन किसी भी कार्रवाई से पहले पारदर्शिता और सहमति जरूरी है.
कई जगह हो चुका है स्मार्ट मीटर का विरोध
जिले में स्मार्ट लगाए जाने का कई स्थानों पर विरोध हो चुका है, विशेष बात यह है कि मीटर लगाने के पूर्व संबंधित उपभोक्ता से कोई बातचीत न करते हुए उनकी सहमति तक लेना उचित नहीं समझा जा रहा है, और जब कोई स्मार्ट मीटर लगाने के संबंध में कोई अधिकारिक तौर पर आदेश दिखाने की बात करता है तो ये लोग किसी तरह का कोई आदेश नहीं दिखा पाते है. इन हालातों से लोगों में और भी गहरी नाराजगी का वातावरण बन जाता है.
