स्टार्मर, ट्रंप ने होर्मुज संकट पर बातचीत की, इसे खोलने की प्रतिबद्धता दोहरायी

वाशिंगटन, 23 मार्च (वार्ता) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार देर रात फोन पर हुई बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य संकट पर चर्चा की।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “वे इस बात पर सहमत हुए कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना आवश्यक है।” बयान में यह भी कहा गया कि वे ‘जल्द ही फिर से बात करेंगे।’

यह बातचीत श्री स्टार्मर द्वार ईरान के साथ चल रहे युद्ध में ब्रिटेन के शामिल होने से इनकार के बाद श्री ट्रंप और अन्य यूरोपीय सहयोगियों की तीखी आलोचना के बाद हुई है।

ब्रिटेन उन 22 देशों में शामिल है, जिन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के प्रयासों में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की है। दुनिया के सबसे व्यस्त नौवहन मार्गों में से एक इस जलमार्ग से यातायात 28 फरवरी को युद्ध छिड़ने के बाद से लगभग 95 प्रतिशत तक गिर गया है।

रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्क रूट ने कहा कि वह ‘पूरी तरह से आश्वस्त’ हैं कि नाटो इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन की संवेदनशील प्रकृति के कारण सदस्य देशों को थोड़ा समय चाहिए।

डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने दोहराया कि नेताओं ने अपनी बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इसे खोलना अनिवार्य है।

यह चर्चा सोमवार को श्री स्टार्मर की अध्यक्षता में होने वाली ‘कोबरा’ बैठक से पहले हुई है, जिसमें बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली भी शामिल होंगे। इस बैठक में ऊर्जा की कीमतों, जीवन यापन की लागत और व्यापक आर्थिक स्थितियों पर इस संकट के प्रभाव का आकलन किया जाएगा। प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और ऊर्जा मंत्री सहित वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा व्यवसायों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर इसके प्रभावों की समीक्षा करने की भी उम्मीद है।

नाकेबंदी के बाद से कच्चे तेल की कीमतें लगभग 45 प्रतिशत बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री ट्रंप ने धमकी दी थी कि यदि 48 घंटों के भीतर जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो वे ईरानी बिजली संयंत्रों को ‘मिटा’ देंगे।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान ने भी बदले में चेतावनी दी है। यदि अमेरिका अपनी धमकी पर अमल करता है, तो वह पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।

अलग से, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर ने कहा कि उन्होंने मौजूदा संकट के बीच डीजल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) सहित प्रमुख ऊर्जा आपूर्ति हासिल करने पर समन्वय मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, “हम ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करना, नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन को तेज करना और खुले व्यापार को बनाए रखना शामिल है।”

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया भर के देश होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बाद ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां से आमतौर पर वैश्विक तेल निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

 

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