
भोपाल। मध्यप्रदेश में सहारा समूह के खिलाफ राज्य सरकार को लगभग नौ लाख से अधिक शिकायती आवेदन प्राप्त हुए, जिसके तहत कुल लगभग 6 हजार 6 सौ 89 करोड़ रुपए की राशि के गबन का मामला सामने आया। विधानसभा में आज राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की ओर से गृह विभाग से जुड़ी ये जानकारी दी। वे कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के सवाल का जवाब दे रहे थे।उन्होंने कहा कि सहारा समूह के मध्यप्रदेश के निवेशकों से जुड़े कुल 9 लाख 6 हजार 661 आवेदन सामने आए। इसमें से लगभग 7.5 लाख निवेशकों के आवेदन का निराकरण सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार हो गया है। इसमें कुल राशि रुपए 6 हजार 6 सौ 89 करोड़ निवेशकों की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा रिफंड पोर्टल बनाया है, उसके माध्यम से 3 सौ 55 करोड़ रुपए की राशि छोटे निवेशकों में वितरित की जा चुकी है।उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2024 के बाद से इस समूह के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अलावा भी जितनी एफआईआर हैं, उन सभी को मुरैना कोतवाली में मर्ज करके वहीं आगे की विवेचना कार्रवाई की जा रही है।हालांकि इस जवाब के पूर्व प्रश्नकर्ता विधायक श्री सिंह ने कहा कि समूचे राज्य में इस प्रकार की 123 एफआईआर दर्ज हैं। उन्होंने सरकार से ये भी पूछा कि सहारा समूह की राज्य में कितनी संपत्ति है और क्या इस संपत्ति की नीलामी के माध्यम से निवेशकों की राशि लौटाने की सरकार की कोई योजना है।इस पर मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के तत्वावधान में रिफंड की सारी कार्यवाही चल रही है। समूह की अनेक संपत्तियां न्यायालय के आदेश पर अटैच भी की गई हैं। यह अब राज्य पुलिस की सीमा से बाहर का विषय है।
