
सुसनेर। इस समय गेंहू व अन्य फसलों की कटाई चल रही है, लेकिन हालत यह है कि किसानों द्वारा मजदूरी के दाम बढ़ाने पर भी मजदूर नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में छोटे किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है. मजदूर नहीं मिलने के कारण वह काफी परेशान हो गए हैं.
अधिकांश खेतो में फसल पक कर तैयार हैं, लेकिन मजदूर नहीं मिल रहे हैं इस वजह से किसानों को मजबूरी में हार्वेस्टर मशीनों से गेहूं निकलवाना पड़ रहे हैं. दरअसल मजदूरी के दाम बढ़ाने के बाद भी किसानों को कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं. गांव में जो बड़े किसान हैं, वह तो कटाई के लिए ज्यादा रेट में मजदूरों को लेकर आ रहे हैं, लेकिन छोटे किसानों को कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं. इस कारण से उन्हें ही मजबूरन फसल को काटना पड़ रहा है. इसमें भी उन किसानों के सामने सबसे ज्यादा परेशानी है, जिनके घर में कटाई करने के लिए सदस्य नहीं हैं.
500 तक पहुंची मजदूरी
फसल को समेटने में किसानों ने और तेजी कर दी है. इधर, मजदूर नहीं मिलने के कारण किसानों को जो मजदूर मिल रहे हैं. उनसे मुंह मांगे दामों पर फसल की कटाई करवाना पड़ रही है. इसके चलते एक दिन की मजदूरी के दाम 300 से लेकर 500 हो गए हैं. उसके बाद यदी मजदूरों का संघ किसी खेत की फसल काटने का ठेका लेता, तो उसमें भी मजदूरों को ही बचत होती है.
राजस्थान से भी आ रहे मजदूर
ग्राम मोड़ी, नांदना, गणेशपुरा, मोखमपुरा, जाख, गैलाना सहित कई अन्य गांवों में फसल काटने के लिए किसानों को राजस्थान से मजदूर बुलाना पड़े हैं.
