
भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज भोपाल में आयोजित किसान महाचौपाल को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर किसानों और मजदूरों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसानों की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है, जबकि सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा दे रही हैं।
खड़गे ने अपने संबोधन में अमेरिका और भारत की कृषि व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका के पास विशाल कृषि भूमि है, लेकिन वहां केवल 2-3 प्रतिशत लोग ही खेती पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि वहां के किसानों के पास आधुनिक मशीनरी और हजारों एकड़ जमीन होती है। इसके विपरीत भारत में करीब 65 प्रतिशत आबादी आज भी खेती पर निर्भर है, जिनमें अधिकांश छोटे और सीमांत किसान हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और आय लगातार घट रही है। खड़गे ने कहा कि यदि सस्ते आयातित कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया गया तो इससे देश के किसानों पर और अधिक दबाव पड़ेगा तथा उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब किसानों और मजदूरों के खिलाफ नीतियां बनती हैं तो केंद्रीय मंत्री खुलकर आवाज क्यों नहीं उठाते। खड़गे ने आरोप लगाया कि दिल्ली पहुंचने के बाद कुछ नेता किसानों के मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं।
अपने भाषण में उन्होंने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बागवानी किसानों का भी उल्लेख किया और कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के फल उत्पादकों को भी बाजार में उचित मूल्य और संरक्षण की आवश्यकता है।
खड़गे ने किसानों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और उन्होंने कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया।
