नाम पेन्ह, 24 फरवरी (वार्ता) कंबोडिया ने बीते 33 वर्षों में बारूदी सुरंगों और युद्ध के विस्फोटक अवशेषों (ईआरडब्ल्यू) से भरी लगभग 3,541 वर्ग किलोमीटर भूमि को साफ करने में सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री हुन मानेट ने मंगलवार को यह जानकारी राष्ट्रीय बारूदी सुंरग जागरूकता दिवस के अवसर पर दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अवधि के दौरान 12 लाख से अधिक बारूदी सुरंगों, 26,700 टैंक रोधी सुरंगे और 32.4 लाख से अधिक ईआरडब्ल्यू खोजकर नष्ट किये गये हैं। उन्होंने बताया कि साफ की गयी भूमि में से 78 प्रतिशत का उपयोग खेती के कामों के लिए, पांच प्रतिशत बुनियादी ढांचे और 17 प्रतिशत आवास, गांवों, स्कूलों और स्वास्थ्य केन्द्रों सहित अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू से हुए हताहतों की संख्या 1996 में 4,320 थी जब बीते साल घटकर केवल 39 रह गयी। उन्होंने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि के बावजूद अभी भी कई वर्ग किलोमीटर जमीन ऐसी है, जो सुरंगों और ईआरडब्ल्यू के असर में है और साफ की जानी बाकी है।
श्री हुन मानेट ने कहा कि बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू से खतरा अब भी “गंभीर” बना हुआ है और बारुदी सुरंगी मुक्त कंबोडिया के लक्ष्य को हासिल करने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता होगी।
गौरतलब है कि कंबोडिया दुनिया के उन देशों में शामिल है, जो बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू से सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं।
अनुमान है कि 1998 में खत्म हुई तीन दशकों के जंग और आंतरिक संघर्षों के बाद यहां 40 लाख से 60 लाख तक बारूदी सुरंगें और अन्य विस्फोटक अवशेष बचे रह गए थे। कंबोडिया की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 1979 से 2025 के बीच बारूदी सुरंगों और ईआरडब्ल्यू विस्फोटों में 19,845 लोगों की मौत हुई, जबकि 45,280 अन्य घायल या अपंग हुए।
