जबलपुर: एनएच 45 रोड पर बने ओवरब्रिज शहपुरा का हिस्सा ढहने के मामलें में शहपुरा पुलिस ने दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है । जांच में पाया गया कि घटिया सामग्री से ब्रिज निर्माण कार्य कराया गया बल्कि सुरक्षा इंतजाम में घोर लापरवाही पाई गई। जिसके बाद अब मामले में ठेका लेने वाली कंपनी के संचालक विनोद जैन समेत टीम लीडर हुकुम सिंह परमार पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक राकेश मोरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे संभागीय प्रबंधक मप्र सडक विकास निगम जबलपुर में पदस्थ है। एनएच 45 रोड पर बना ओवरब्रिज शहपुरा का एक तरफ का हिस्सा सितंबर 2025 में ढह जाने से मरम्मत का कार्य चल रहा था। इस दौरान एनएच 45 (पुराना एनएच 12) पर आवागमन वनवे चालू था। 22 फरवरी की शाम करीब 4.30 बजे ओवरब्रिज की दूसरी लेन क्षतिग्रस्त हो गई थी। मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। घटना से कोई जनहानि नहीं हुई थी लेकिन आवागमन अवरुद्ध हो गया था। जांच के दौरान पाया गया कि ठेका लेने वाली कंपनी में वागड़ इन्फ्रा प्रा लि एवं मेसर्स सोरथिया वेल्जी रतना (जे व्ही) कपनी लि. अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विनोद जैन बसवारा (राजस्थान) व मेसर्स आई. सी. टी. प्रा. लि. नई दिल्ली के टीम लीडर हुकुम सिंह परमार के द्वारा उक्त ओवरब्रिज बनाने मे उपयुक्त सही सामग्री का उपयोग नहीं किया गया।
ओवरब्रिज बनाने में मप्र सडक विकास निगम जबलपुर के दिये निर्देशो व दायित्वो का पालन नहीं किया गया। ब्रिज बनाने में आवश्यक सुरक्षा व ब्रिज की मजबूती को ध्यान में न रखते हुए ब्रिज निर्माण में घोर लापरवाही की गई है। ब्रिज निर्माण में लापरवाही बरतने व आवश्यक सुरक्षा के इंतजाम न करने के कारण एनएच 45 (पुराना एनएच 12) रोड शहपुरा के ब्रिज क्षतिग्रस्त पाया गया। जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग की सार्वजनिक संपत्ति को व्यापक आर्थिक हानि हुई, मार्ग से गुजरने वाले आम नागरिकों के जीवन एवं सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ साथ ही यातायात बाधित होने से आमजन को भारी असुविधा एवं जोखिम उठाना पड़ा। पुलिस ने विनोद जैन व हुकुम सिंह परमार समेत अ न्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
