भोपाल। सीएम डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में पांच प्रमुख फसलों के लिए बड़े फैसले किए हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य को समृद्ध किसान समृद्ध प्रदेश के लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए मूल्य संरक्षण, फसल विविधीकरण और सिंचाई विस्तार पर एक साथ काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा सबसे अहम घोषणा सरसों को भावांतर योजना में लाने की है। इस वर्ष सरसों का रकबा 28% बढ़ा है और अनुमानित उत्पादन 15.71 लाख मीट्रिक टन है। जनवरी में औसत मंडी दर करीब 6000 प्रति क्विंटल रही, जबकि केंद्र द्वारा निर्धारित MSP 6200 प्रति क्विंटल है। सरकार ने MSP से कम दर मिलने पर अंतर की प्रतिपूर्ति का निर्णय लिया है; केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। पंजीकृत किसानों को रकबे और औसत उत्पादकता के आधार पर भुगतान होगा।
दलहन संतुलन और आय वृद्धि के लिए ग्रीष्मकालीन उड़द पर MSP के अतिरिक्त 600 प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है, ताकि मूंग की जगह उड़द को प्रोत्साहन मिले। चना (6.49 लाख मी.टन) और मसूर (6.01 लाख मी.टन) के MSP उपार्जन हेतु प्रस्ताव भेजे गए हैं; उपार्जन 24 मार्च से 30 मई 2026 तक प्रस्तावित है, जबकि पंजीयन 20 फरवरी से 16 मार्च तक जारी है। खरीफ तुअर के लिए 1.31 लाख मी.टन उपार्जन का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली-पानी की उपलब्धता से सिंचाई दायरा बढ़ा है और तिलहनों-दलहनों में विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को हर हाल में उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
