
भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह डील भारतीय किसानों के लिए गंभीर खतरा साबित होगी और राष्ट्रीय हितों से समझौता करेगी। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अभय दुबे तथा किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।
सज्जन सिंह वर्मा ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोयाबीन, सरसों और कपास जैसी अमेरिकी कृषि उपज को शून्य शुल्क पर आयात करने की सहमति दी है। उनका आरोप था कि ड्यूटी-फ्री आयात से भारतीय किसान घरेलू बाजार से बाहर हो जाएंगे और देश की संप्रभुता पर भी प्रश्नचिह्न लगेगा। उन्होंने भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर अमेरिका के दावों को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
अभय दुबे ने कहा कि फसल बोनस समाप्त करने और त्रुटिपूर्ण बीमा योजनाओं जैसी नीतियों से किसानों की आय पहले ही प्रभावित हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित समझौता कृषि संकट को और गहरा सकता है।
धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सोयाबीन और मक्का उत्पादन में अग्रणी मध्य प्रदेश इस डील से बुरी तरह प्रभावित होगा, क्योंकि छोटे किसान सब्सिडी प्राप्त अमेरिकी कृषि कारोबार से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे।
